scriptChuru topper in education department's ranking, Sikar laggards | शिक्षा विभाग की रैंकिंग में चूरू फिर अव्वल, सीकर का 13वां स्थान | Patrika News

शिक्षा विभाग की रैंकिंग में चूरू फिर अव्वल, सीकर का 13वां स्थान

locationसीकरPublished: Feb 02, 2024 10:22:55 pm

Submitted by:

Ajay Sharma

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की रैंकिंग

नवाचारों के बाद भी पिछड़े कई जिले
नवाचारों के बाद भी पिछड़े कई जिले
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की रैंकिंग में चूरू फिर शिखर पर काबिज हो गया है। जनवरी महीने के रैंकिंग में 49.70 स्कोर के साथ जिले ने ये उपलब्धि हासिल की है। जबकि रैंकिग में पिछड़ रहा सीकर जिला इस बार भी 13वें स्थान पर रहा। जिसका स्कोर 35.30 रहा। रैंकिंग में पिछडऩे से शिक्षा नगरी के रूप में पहचान रखने वाले सीकर जिले की सरकारी शैक्षिक व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 2023 में फरवरी व सितंबर महीने में चूरू व सीकर जिले रैंकिंग में पहले व दूसरे स्थान पर रह चुके हैं। इसके अलावा भी पूरे साल में दोनों जिले ज्यादातर महीनों में टॉप-10 जिलों में शामिल रहे हैं।
यह जिले रहे टॉपर
रैंकिंग में चूरू के बाद भरतपुर, कोटा, राजसमंद व डुंगरपुर टॉप पांच स्थानों पर रहे। जबकि बारां, जयपुर, बाड़मेर, प्रतापगढ़ व धौलपुर सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। सबसे कम 23.60 स्कोर के साथ बारां जिला सबसे अंतिम स्थान पर रहा।
यूं होता है मूल्यांकन
स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार आधारों पर तय करता है। ये आधार शैक्षिक,चार श्रेणियों से होता है। मूल्यांकन स्कूल शिक्षा परिषद जिलों की रैंकिंग चार आधारों पर तय करता है। ये आधार शैक्षिक, नामांकन, सामुदायिक सहभागिता व आधारभूत सुविधाएं हैं। इसमें शैक्षणिक श्रेणी के 100, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के 20-20 तथा आधारभूत सुविधाओं के 10 अंक तय हैं। शैक्षणिक श्रेणी के अंकों को 7, नामांकन व सामुदायिक सहभागिता के अंकों को 3-3 तथा आधारभूत सुविधाओं के अंकों को 2 बिंदुओं में बांटा गया है। इस तरह कुल 150 अंकों में से जिलों को उनके कार्यों के हिसाब से अंक दिए जाते हैं।

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