बिजली निगम ने बढ़ाई परेशानी, उपभोक्ताओं पर 2347 लाख का जुर्माना

बिजली चोरी के लिए गांवों में जागरुकता की अलख जगाने वाले बिजली निगम के अभियंताओं की कार्यशैली अब पूरी तरह बदल गई है।

By: Sachin

Published: 07 Mar 2021, 11:53 AM IST

सीकर. बिजली चोरी के लिए गांवों में जागरुकता की अलख जगाने वाले बिजली निगम के अभियंताओं की कार्यशैली अब पूरी तरह बदल गई है। पिछली सरकार के समय जहां बिजली चोरी पकडऩे से ज्यादा समझाईश पर जोर था। वहीं अब निगम ने उपभोक्ताओं की सीधे वीसीआर भरना शुरू कर दिया है। कोरोनकाल में भी उपभोक्ताओं को समझाने के बजाय 2347 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया गया। उपभोक्ताओं का सवाल है कि कोरोनाकाल में काम-धंधे सब ठप हो गए है। ऐसे में वह कैसे जुर्माना राशि जमा कराए। पिछले साल जुलाई तक निगम की ओर से महज 832 करोड़ की वसूली की गई है। दूसरी तरफ जिलेभर में ऑपरेट मीटरों की वजह से भी चोरी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

किस साल में कितने लाख की भरी वीसीआर
वर्ष वीसीआर राशि
2015-2016 6762 लाख
2016-2017 5423.56
2017-2018 5875.06
2018-2019 1756.20
2019-2020 5237.52
जुलाई 2020 तक 2347.15

बिजली चोरों से किस साल कितने की वसूली
वर्ष वीसीआर राशि
2015-2016 3166.81 लाख
2016-2017 3614.42
2017-2018 3724.57
2018-2019 1558.76
2019-2020 2688.19
जुलाई 2020 तक 832.84

समझौता समिति के अधिकार भी छीने, आक्रोश बढ़ा तो वापस लिए आदेश
अजमेर डिस्कॉम की ओर से पिछले साल समझौता समिति में उपभोक्ताओं के जाने पर रोक लगाने के लिए नया फरमान जारी कर दिया कि न्यूनतम 50 फीसदी से अधिक राशि जमा कराने के बाद ही समझौता समिति में मामला आ सकता है। इस मामले का खुद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काफी विरोध किया। इसके बाद मामला कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन व प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा तक पहुंचा। इसके बाद सरकार ने समझौता समिति के पुराने नियम लागू कराए। इसके बाद उपभोक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ।

पहले हुए नवाचार अब पूरी तरह ब्रेक
अभियंताओं ने फोडे थे बल्ब, लगाई थी सीएफएल
अजमेर डिस्कॉम की ओर से पिछली सरकार के समय बिजली छीजत कम करने के लिए बल्ब फोडने से मुहिम शुरू की गई। इसके बाद खुद निगम ने सीएफएल देकर उपभोक्ताओं के घर सीएफएल लगवाई। इसका असर यह हुआ कि कई जिलों में छीजत का आंकड़ा पांच से सात फीसदी तक कम हो गया। लेकिन अब डिस्कॉम की ओर से ऐसे नवाचार देखने को नहीं मिल रहे है।

बिजली हादसे रोकने के लिए ट्रांसफार्मरों की चारदीवारी
विद्युत निगम की ओर से खुले में लगे ट्रांसफार्मरों से हादसे रोकने के लिए उनकी चारदीवारी कराई गई। अजमेर डिस्कॉम का यह नवाचार पूरे प्रदेश में सर्वाधिक चर्चा में रहा।

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