
प्रेस और स्पीकर में छिपाकर लाए थे पौने दो करोड़ का सोना, एयरपोर्ट पर थी सेटिंग, अब तक की सबसे बड़ी डकैटी का ऐसे हुआ खुलासा
सीकर.
सोना तस्करों ने पारे से रंग बदल कर स्पीकर में आधा और प्रेस में एक किलो सोना खपा दिया। इस तरह से हर माह करोड़ों का सोना तस्करी कर शेखावाटी क्षेत्र में लाया जा रहा है। सोना खाड़ी के साथ अन्य देशों से भी लाया जा रहा है। पुलिस सोना लाने वाले इरफान व बली मोहम्मद की भी मामले में तलाश कर रही है। उनसे पूछताछ के बाद तस्करी से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस कारोबार से नागौर क्षेत्र के ही दर्जनों लोग जुड़े हैं। सीकर पुलिस को यह पहली सफलता हाथ लगी है। अन्य एजेंसियों की कार्रवाई की स्थिति को देखे तो हर माह शेखावाटी का औसतन एक तस्कर गिरफ्त में आ रहा है। एसपी डॉ. अमनदीप सिंह कपूर का कहना है कि इस संबंध में ईडी व अन्य जांच एजेसिंयों को अवगत करवाया जाएगा।
इंपोर्ट कस्टम ड्यूटी ने बढ़ाई तस्करी
देश में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क बढ़ा कर दस फीसदी कर दिया। यहां बाजार में सोने की शुद्ध एक किलो सोने की कीमत लगभग 32 लाख रुपए हैं। ऐसे में एक किलो सोने पर करीब तीन लाख रुपए आयात शुल्क बनता है। प्रत्येक एक किलो सोने पर तीन लाख रुपए कमाने की चाह में यहां सोने की तस्करी बढ़ती जा रही है। इसके लिए गिरोह की पूरी चेन
बनी हुई है।
जयपुर एयरपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल
कस्टम विभाग की एयरपोर्ट यूनिट व राजस्व खूफिया निदेशालय (डीआरआई) की हाल ही के वर्षो में हुई कार्रवाई की स्थिति पर नजर डाली जाए तो उत्तर भारत में सोना तस्करी के सर्वाधिक मामले में जयपुर एयरपोर्ट पर पकड़े गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में भी अधिकतर शेखावाटी क्षेत्र के हैं। मुंबई और कोलकाता समेत दूसरे एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई में भी यहां के लोग पकड़े गए हैं। लेकिन अभी तक किसी भी मामले में जांच एजेंसियां इस मामले में सक्रिय गिरोह का पता नहीं लगा पाई है। हालांकि सोना तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बैंगलूर और चैन्नई के साथ जयपुर एयरपोर्ट के लिए भी अलर्ट जारी किया है।
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कामगार बनते हैं शिकार
भारत में दुबई, मस्कट, म्यामांर और चीन से सोने की तस्करी की जा रही है। दुबई, मस्कट क्षेत्र में शेखावाटी क्षेत्र में करीब पांच लाख लोग रहते हैं। इनमें अधिकतर कामगार है। इनका घर आना-जाना लगा रहता है। जानकारों का मानना है कि खाड़ी में उपस्थित तस्करों का गिरोह इन कामगारों से सम्पर्क करता है। बाद में इन्हें सोना राजस्थान ले जाने के लिए राजी कर लिया जाता है। बदले में टिकट के पैसे व कुछ खर्चा दिया जाता है। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर तस्कर गिरोह के लोग इनसे सोना ले लेते हैं। पकड़े जाने पर पल्ला झाड़ लेते हैं।
Updated on:
24 Mar 2019 05:33 pm
Published on:
24 Mar 2019 12:31 pm
