scriptYouth School, Sureshgi School from New Medical School | युवाओं की बढ़ेगी स्किल, नए मेडिकल कॉलेजों से सुधरेगी सेहत | Patrika News

युवाओं की बढ़ेगी स्किल, नए मेडिकल कॉलेजों से सुधरेगी सेहत

locationसीकरPublished: Feb 02, 2024 10:12:33 pm

Submitted by:

Ajay Sharma

इस साल 70 हजार युवाओं की निखरेगी प्रतिभा

अमृत योजना के तहत शहरी निकायों को बजट मिलने से बदलेगी सूरत
अमृत योजना के तहत शहरी निकायों को बजट मिलने से बदलेगी सूरत
केन्द्र सरकार की ओर से घोषित बजट में युवाओं पर काफी फोकस किया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने से लेकर स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए इस बार भी स्किल इंडिया अभियान पर बजट में मुहर लगाई है। सीकर संभाग के 70 हजार युवाओं को इस साल प्रशिक्षण मिलने की आस है। केन्द्र सरकार ने बजट में स्वास्थ्य पर भी काफी फोकस किया है। इस साल बजट में नए मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेजों का विजन दिखाया है। इससे संभाग क्षेत्र में भी स्वास्थ्य का ढांचा भी सुधरने की आस है। पत्रिका की पहल पर गुुरुवार को सीकर संभाग मुख्यालय पर भी बजट चर्चा हुई। इस दौरान बजट को कई वर्ग ने सराहा है तो कई वर्ग ने नकारा भी है। संभाग मुख्यालय पर हुई चर्चा में सीकर संभाग व्यापार संघ के अध्यक्ष राधेश्याम पारीक, महामंत्री कैलाश स्वामी, संरक्षक मदन प्रकाश मावलिया, राजेन्द्र खंडेलवाल, रघुनाथ सुटवाल, दयाल सिंह शेखावत, बजरंग सिंह राठौड़, अशोक कलावटिया व महावीर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
गरीब के कल्याण व विकसित भारत का विजन: सुमेधानंद सरस्वती
अंतरिम बजट नए भारत को दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाने का रोड मैप व विकसित भारत का विजन है। स्टार्टअप पर टैक्स छूट देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्वास्थ्य सुविधाएं, गरीब का उत्थान, अंत्योदय का संकल्प और आत्मनिर्भर भारत इसकी धुरी है। बेहतर बजट के लिए वित्त मंत्री का आभार जताता हूं।
स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, सांसद
जनता को लुभाने वाला बजट नहीं
अंतरिम बजट जनता को लुभाने वाला नहीं होकर देश की अर्थव्यवस्था पर आधारित है। दो महीने के लिए ही होने की वजह से इसमें पहले से ही टैक्स में छूट व कर स्लैब में परिवर्तन की उम्मीद नहीं थी। बजट में सबसे ज्यादा फंड का एलोकेशन डिफेंस मिनिस्ट्री को और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को हुआ। बजट में 2014-15 से पहले की 10000 व 2010-11 से पहले की 25000 तक की टैक्स डिमांड को खत्म कर दिया गया है। इससे करीब करोड़ करदाता को राहत मिलेगी।
सीए गौरव अग्रवाल, सीकर।
विजन पेश किया
आयात शुल्क सहित डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स के लिए टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं होने से कुछ भी सस्ता या महंगा नही हुआ है। टैक्स में छूट व कर स्लैब में भी परिवर्तन नहीं हुआ है। किराए के घर, बस्ती, अनियमित घरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए आवास की घोषणा अच्छी है। सीधी घोषणाओं की बजाय सरकार ने भारत के विकास का विजन प्रस्तुत किया है।
सीए रामावतार जोशी
इस बजट में आयकर की दरों व इम्पॉर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया। प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर के लिए समान कर दरें बरकरार रखी गई है। नए और पुराने टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं किया गया। आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 2.4 गुना बढ़ गई। यह बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्यूरिज्म, लॉजिस्टिक और रिसर्च पर केन्द्रित रहा।
सीए कमल जांगिड़, सीकर
विकास के साथ रोजगार सर्जन
आर्थिक उन्नति और रोजगार विकास को बढ़ावा देने के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के साथ एक लाख करोड़ का कोष स्थापित किया जाएगा। इससे कोष के दीर्घकालीन बिल पोषण या पुन: वित्त पोषण कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव से उद्योगों व व्यापार को संबल मिलेगा। विकास के साथ नया रोजगार सर्जन भी होगा।
डा. अनिल शर्मा, सहायक निदेशक, सांख्यिकी विभाग
पूरी तरह निराशाजनक
बजट में सरकारी कर्मचारियों को कुछ नहीं मिला है। कर स्लैब में भी बदलाव नहीं किया गया है। अंतरिम बजट कर्मचारियों के लिहाज से पूरी तरह निराशाजनक है।
श्रवण थालौड़, जिलाध्यक्ष, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ
इस अन्तरिम बजट में गरीब, युवा,कृषक एवं महिलाओं के उत्थान से सम्बंधित कार्यक्रमों को जारी रखते हुए आवास,सडक़, रेल एवं अन्य आधारभूत संरचना पर बल दिया गया है। पूंजीगत व्यय का सर्वकालिक उच्चतम स्तर बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी गई है। पर आयकर दरों को यथावत रखते हुए मध्यम वर्ग को निराश किया है
हीरा लाल जांगिड़, अर्थशास्त्री व पूर्व प्राचार्य।
कृषि क्षेत्र में अनुसंधान व फसलों की एमएसपी तय करने सरीखे कदम सरकार को उठाने चाहिए थे। फसल कटाई के बाद की गतिविधियों में सार्वजनिक के साथ निजी निवेश भी संदिग्ध है। स्टार्टअप की छूट बढ़ाना सराहनीय है।
लोकेश कुमावत, नवाचारी किसान
बजट पूरा निराशाजनक
ना किसान की बात ना खेती की बात ना रोजगार की बात सिर्फ सरकार की तारीफ। बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी खास नहीं रहा। चुनावी साल में सिर्फ जुमलेबाजी देखने को मिली। किसान विरोधी बजट होे से आमजन में निराशा है।
वेदप्रकाश राय, पूर्व पार्षद

ट्रेंडिंग वीडियो