सीएमएचओ ने जननी वाहन मांगने पर प्रसूता के परिजनों को फटकार लगाते हुए कही हैरान कर देने वाली बात

सीएमएचओ ने जननी वाहन मांगने पर प्रसूता के परिजनों को फटकार लगाते हुए कही हैरान कर देने वाली बात
CMHO abuses with family of procreative

Balmukund Dwivedi | Updated: 11 Jul 2019, 11:12:06 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

अस्पताल से घर जाने के लिए प्रसूता को होना पड़ा परेशान, घंटों इंतजार के बाद बुलानी पड़ी ऑटो

सिंगरौली. जिला अस्पताल से गुरुवार को प्रसूता की छुट्टी हुई। घर जाने के लिए परिजन जिला अस्पताल में जननी वाहन का इंतजार कर रहे थे। घंटों इंतजार के बाद परेशान प्रसूता के परिजन वहां पहुंचे सीएमएचओ से वाहन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। जवाब में उन्हें फटकार मिली। सीएमएचओ ने दो टूक में कह दिया कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। प्रसूता को घर कैसे ले जाना है यह परिजन जानें। सीएमएचओ के इस जवाब से परिजन हताश हो गए। अंतत: उन्हें विकल्प के रूप में ऑटो मिला। इसके बाद प्रसूता को ऑटो में बैठाकर घर ले गए। ऑटो में बैठने के दौरान प्रसूता के परिजन सरकारी तंत्र को कोस रहे थे। प्रसूता की हालत पर भी सीएमएचओ को दया नहीं आई। जिला अस्पताल में यह कोई पहला मामला नहीं है। इस तरह आए दिन प्रसूताओं को घर जाने के लिए रुपए खर्च कर निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है।

यह है पूरा मामला
झलरी निवासी प्रसूता रुकमुन साकेत पति दरोगा साकेत को बुधवार की शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्रसूता ने सुरक्षित नवजात को जन्म दिया। इसके बाद गुरुवार की दोपहर डाक्टरों ने छुट्टी कर दी। अस्पताल से छुट्टी होने के बाद प्रसूता को घर ले जाने के लिए उसके परिजन काफी परेशान हुए। अंत में सीएमएचओ से मदद मांगी तो सीएमएचओ ने साफ कह दिया कि हमारी जिम्मेदारी नहीं है।

योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
कहने को तो सरकार उपचार से लेकर दवाएं व प्रसूताओं को घर लाने-जाने के लिए नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध करा रही है। लेकिन योजनाओं का लाभ धरातल स्तर पर नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कागजी दावे तो बहुत हैं मगर, हकीकत देखने पर यह साबित होता है कि विभाग के अधिकारी मरीजों के प्रति कितना गंभीर हंै। जब अधिकारी फटकार लगाकर मरीजों को भगा रहे हैं तो डॉक्टर व नर्सों की बात करना बेइमानी साबित होता है।

दी जाएगी हिदायत
केवीएसचौधरी, कलेक्टर सिंगरौली ने इस संबंध में कहा कि सीएमएचओ को ऐसा नहीं बोलना चाहिए, यह गलत है। सीएमएचओ से बात करके हिदायत दी जाएगी। अबकी बार ऐसा सुनने में आया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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