आंख पर पट्टी बांध कर लिखता है यह बच्चा, इसके टैलेंट से सभी हैरान

खास बात यह है कि कोरोना काल में कक्षा तीन के छात्र कौस्तुभ ने खुद में विकसित किया यह हुनर...।

By: Manish Gite

Updated: 09 Feb 2021, 10:09 AM IST

 

सिंगरौली। क्या आपने किसी को आंख पर पट्टी बांधकर पढ़ते या लिखते देखा है? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है। जिले में भी एक बच्चा ऐसा है जो सभी को आकर्षित कर रहा है। सिंगरौली में 8 साल के इस बालक ने सभी को हैरत में डाल दिया है।

 

सिंगरौली में एक बार फिर एक बच्चे ने खुद में अनोखी प्रतिभा को विकसित किया। इससे पहले एक साथ दोनों हाथों से लिखनेवाले बच्चों ने जिले का नाम रौशन किया है। सिंगरौली जिले के चितरंगी तहसील के रतनपुरवा गांव निवासी चंद कुमार पाण्डेय के पुत्र कौस्तुभ पाण्डेय ने खुद से आंख पर पट्टी बांध कर पूरी रफ्तार से अंग्रेजी व हिन्दी में आलेख लिखने की हुनर सीखा है। कक्षा तीन के छात्र की इस मेधा से प्रभावित जिला शिक्षा केद्र के अधिकारियों ने राज्य शिक्षा केंद्र को छात्र की मेधा से अवगत कराया है।

 

बिना देखे सुंदर लेखनी में आलेख लिखने वाले कौस्तुभ ने यह हुनर लॉकडाउन के दौरान घर में रहते हुए सीखा है। शासकीय हायर सेकंडरी लमसरई चितरंगी में हिन्दी के प्रवक्ता पद पर पदस्थ कौस्तुभ के बाबा संकठा प्रसाद ने बताया कि उन्होंने बच्चे को करीब एक सप्ताह पहले कॉपी में लिखते हुए देखा। घर में पढ़ाई के दौरान कौस्तुभ कॉपी में लिखने के दौरान दूसरी ओर देख रहा था। गौर किया तो कौस्तुभ ने बताया कि वह बिना देखे लिख सकता है। आंख पर पट्टी बांध कर परीक्षण किया गया था तो उसका दावा सही निकला। आंख पर पट्टी बंधी होने के बावजूद आलेख बोलने पर कौस्तुभ ने पूरी रफ्तार में शुद्ध व सुंदर आलेख लिख कर दिखाया।

 

कौस्तुभ से जब इस संबंध में बात की गई तो उसने बताया कि अगस्त महीने में खेल-खेल में उसने कॉपी में बिना देखे लिखने की कोशिश शुरू की। असफल होने पर जिज्ञासा बढ़ी और वह हर रोज कोशिश करने लगा। नतीजा आज सामने है। वह पूरी रफ्तार में आंख पर पट्टी बांध कर आलेख लिख लेते हैं। गौरतलब है कि कोस्तुभ सीधी जिले के एक निजी स्कूल के छात्र हैं।

 

 

राज्य शिक्षा केंद्र तक पहुंची मेधा

जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों के मुताबिक कौस्तुभ के इस मेधा की जानकारी राज्य शिक्षा केंद्र को दी गई है। जिला शिक्षा केंद्र के समन्वयक अजय मिश्रा ने बताया कि जिले के मेधावी छात्रों की जानकारी राज्य शिक्षा केंद्र को भेजी जाती है। मेधा चाहे किसी भी विधा में हो। शिक्षा केंद्र की ओर से मेधावियों का पुस्तक में प्रकाशन किया जाता है।

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