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सिरोही के इस स्थान पर डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनेगी कोविड जांच लैब, जानिए कैसे…

-एक सप्ताह में काम शुरू, सैम्पल देने के बाद 8 घंटे में रिपोर्ट

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सिरोही के इस स्थान पर डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनेगी कोविड जांच लैब, जानिए कैसे...

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सिरोही. राज्य सरकार की ओर से सिरोही जिला मुख्यालय पर एक करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से कोविड-19 लैब एक सप्ताह के भीतर शुरू होगी। इसके लिए निडोरा तालाब के पास स्थित शहरी प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र का चयन किया गया। विधायक संयम लोढ़ा ने बताया कि लैब की जरूरत पूरी करने के लिए इस निर्मित भवन में आवश्यक परिवर्तन के लिए 15 लाख रुपए सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से तय किए जाएंगे। एक करोड़ 38 लाख रुपए के चिकित्सा उपकरण डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज जोधपुर उपलब्ध करवाएगा।
सिरोही के सैम्पल पहले मेडिकल कॉलेज उदयपुर, जोधपुर भेजे जाते थे। अब पाली जा रहे हैं जिसमें कई बार तीन दिन का समय लग जाता था। फिलहाल 300 से अधिक सैम्पल की रिपोर्ट पैंडिंग है। सिरोही की लैब में शुरुआत में प्रतिदिन 250 टेस्ट किए जा सकेंगे। सैम्पल देने के बाद 8 घंटे में जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी।
लोढ़ा ने बताया कि राज्य सरकार इस लैब में एक चिकित्सक, माइक्रोलोजिस्ट, छह टेक्निशियन, छह हेल्पर, दो स्टॉफ की नियुक्ति करेगी। इसमें सैम्पल संग्रहण केन्द्र, रिपोर्टिंग कक्ष, लाइसिस कक्ष, आरएनए (एक्सट्रेक्शन कक्ष), आरएनए (एडिशन कक्ष), एंपलीफिकेशन कक्ष, दो मास्टर मिक्स रूम, दो चेंज रूम (इन एवं आउट) होंगे।
जिला कलक्टर भगवती प्रसाद ने भी इस प्रस्तावित लैब का निरीक्षण किया। सार्वजनिक निर्माण विभाग के एक्सईएन खोरवाल, सहायक अभियंता मदनसिंह ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दर्शन ग्रोवर ने बताया कि सोमवार को इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी जाएगी। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश कुमार एवं डॉ. विवेक भी मौजूद थे।

इन्होंने बताया....

कोरोना के सैम्पलों की जांच अब सिरोही में शीघ्र शुरू हो जाएगी। कोरोना के सभी सैम्पल लेकर जिला अस्पताल से एक कर्मचारी आएगा और बाहर से ही देकर चला जाएगा। रिपोर्ट ऑनलाइन ही दी जाएगी।
- डॉ.दर्शन ग्रोवर, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, सिरोही

राज्य में पहला कोरोना सैम्पल जांच के लिए पुणे (महाराष्ट्र) भिजवाया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अथक प्रयासों से राज्य के हर मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा अल्प समय में विकसित की गई। जून के पहले सप्ताह तक सरकारी मेडिकल कॉलेज रोजाना 21 हजार कोविड सैम्पल टेस्ट क्षमता से कार्य कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- संयम लोढ़ा, विधायक, सिरोही-शिवगंज

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