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मैरिज गार्डन में मौत के बाद भी खामोश है नगर परिषद प्रशासन

शहर में एक मई को कोतवाली थाना क्षेत्र के शहनाई मैरिज गार्डन में हुए अग्निकांड में दुल्हन के दादा की मौत के बाद जागा जिला व नगर परिषद प्रशासन अब एक माह से कार्रवाई के प्रति मौन है।

बूंदीJun 09, 2024 / 05:32 pm

पंकज जोशी

मैरिज गार्डन में मौत के बाद भी खामोश है नगर परिषद प्रशासन

बूंदी नगरपरिषद भवन।

बूंदी. शहर में एक मई को कोतवाली थाना क्षेत्र के शहनाई मैरिज गार्डन में हुए अग्निकांड में दुल्हन के दादा की मौत के बाद जागा जिला व नगर परिषद प्रशासन अब एक माह से कार्रवाई के प्रति मौन है। जबकि जिला कलक्टर के आदेश पर नगर परिषद ने तत्परता दिखाते हुए मैरिज गार्डन, अस्पताल, होटल, शैक्षणिक संस्थान, शोरुम को 15 दिन का समय दिया था।
जानकारी अनुसार शहर के शहनाई मैरिज गार्डन में लगे सफारी टैंट में आग लग जाने से दुल्हन के दादा की मौत होने पर जिला कलक्टर ने शहर के सभी संस्थानों की जांच के आदेश दिए थे। तत्कालीन कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त भावना सिंह ने 22 मैरिज गार्डन, अस्पताल, होटल, शैक्षणिक संस्थान, शोरुम को 15 दिन में फायर सेफ्टी एनओसी नहीं लिए जाने पर सीज करने के निर्देश जारी किए थे। वहीं शहनाई मैरिज गार्डन को सीज भी किया गया था। इसके बावजूद किसी ने एनओसी नहीं ली है। वहीं कुछ दिनों में कार्यवाहक आयुक्त भी बदल दिया गया था, जिसकी भी चर्चा रही।
बढ़ कर संख्या हुई 90
जहां एक ओर एक माह पूर्व 44 संस्थानों द्वारा फायर सेफ्टी एनओसी नहीं लेने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई, वहीं नगर परिषद शहर में सर्वे को जारी रखे हुए है। शुक्रवार तक शहर में 90 मैरिज गार्डन, अस्पताल, होटल, शैक्षणिक संस्थान, शोरुम को 15 दिन में एनओसी नहीं लिए जाने पर सीज करने की चेतावनी भरे नोटिस जारी कर दिए गए है। वहीं उक्त संस्थानों के संचालकों का कहना है कि पूर्व में भी ऐसे नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब भी संचालक एनओसी लेने के प्रति सजगता नहीं दिखा रहे है।
भू रुपांतरण तक नहीं मिला
मैरिज गार्डन एवं कुम्भा स्टेडियम के सामने सिविल लाइन की ओर जाने वाली रोड पर एक दर्जन से अधिक भवनों का व्यावसयिक उपयोग हो रहा है। इन भवनों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भू रुपांतरण तक नहीं करवाया है। इन भवनों के व्यावसायिक उपयोग से जहां सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, वहीं उपयोग कर्ता लाखों रुपए कमा रहे है। कुछ मैरिज गार्डन स्कूल खेल मैदान की भूमि पर तो कुछ कृषि भूमि पर संचालित होना पाया गया।
आर्थिक संकट से मिल सकती है निजात
फायर सेफ्टी एनओसी लेने के पहले मैरिज गार्डन, अस्पताल, होटल, शैक्षणिक संस्थान, शोरुम संचालक को प्रक्रिया के तहत यूडी टैक्स जमा करवाना पड़ता है। ऐसे में उक्त संचालक राशि जमा नहीं करवा रहे है। उक्त राशि करोड़ों में है। यह राशि जमा होने पर नगर परिषद आर्थिक संकट से निजात पा सकती है, वहीं शहर में विकास कार्य भी गति पकड़ सकेंगे।
कुछ संस्थानों ने फायर सेफ्टी के लिए आवेदन किया है, जो प्रक्रियाधीन है। यूडी टैक्स जमा नहीं होने कारण भी एनओसी नहीं मिल पाई है। यह बात सही है कि नोटिस में दी गई तिथि निकल चुकी है।आगामी दिनों में सीज की कार्रवाई की जाएगी।
रुही तरन्नुम, कार्यवाहक आयुक्त, नगर परिषद, बूंदी
नियमित रूप से शहर में सर्वे जारी है। कार्यवाहक आयुक्त के निर्देश की पालना में फायर सेफ्टी एनओसी नहीं मिलने वाले संस्थानों को नोटिस जारी किए गए है। अभी किसी भी संस्थान को सीज नहीं किया गया है।
अब्दुल मतीन, सहायक फायर सेफ्टी अधिकारी, नगर परिषद, बूंदी

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