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टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली भालाफेंक खिलाड़ी मारिया ने 8 महीने के बच्चे के लिए नीलाम किया अपना मेडल

मारिया आंद्रेजिक ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 64.61 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। मारिया ने अपना मेडल आठ महीने के बच्चे के लिए ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा में नीलाम कर दिया है।
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नई दिल्ली

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Mahendra Yadav

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Updated: 19 Aug 2021, 12:13 PM IST

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टोक्यो ओलंपिक 2020 में सिल्वर मेडल जीतने वाली पौलेंड की भालाफेंक खिलाड़ी मारिया आंद्रेजिक ने अपना मेडल कुछ दिन बाद ही नीलाम कर दिया। हालांकि मारिया ने अपना सिल्वर मेडल बहुत ही अच्छे काम के लिए नीलाम किया है। दरअसल, मारिया ने अपना मेडल आठ महीने के बच्चे के लिए ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा में नीलाम कर दिया है। इस आठ महीने के बच्चे की दिल की सर्जरी होनी थी, जिसके लिए करीब दो करोड़ 86 लाख रुपए की जरूरत थी। इस बच्चे का नाम पोल मिलोसजेक बताया जा रहा है और इसकी सर्जरी अमरीका में होनी है।

64.61 मीटर का थ्रो कर जीता था सिल्वर मेडल
मारिया आंद्रेजिक ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 64.61 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वहीं ऑस्ट्रेलिया की केल्सी-ली बार्बर ने 64.56 के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता था। चीन की लिउ शियिंग ने 66.34 मीटर की दूरी पर भाला फेंक कर गोल्ड मेडल जीता था। मारिया का सिल्वर मेडल पोलैंड में अब्का पोल्स्का नाम की एक सुविधा स्टोर कंपनी ने ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा में खरीदा है। इस पैसे से आठ महीने की बच्चे की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में सर्जरी होगी।

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बच्चे की मदद करना चाहती थीं मारिया
पौलेंड की जेवलिन थ्रोअर मारिया ने अपने मेडल को नीलाम करने के फैसले पर कहा कि उन्हें इस इस बारे में निर्णय लेने मे देर नहीं लगी। उन्होंने कहा कि वह अपनी इस बेशकीमती संपत्ति को नीलाम कर उस छोटे बच्चे की मदद करना चाहती थीं। मारिया ने कहा कि यह पहला फंडरेजर था, जिसमें मैंने हिस्सा लिया और मुझे पता था कि यह सही है।

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खुद कैंसर सर्वाइवर हैं मारिया
जेवलिन थ्रोअर मारिया आंद्रेजिक खुद एक कैंसर सर्वाइवर हैं। 2018 में मारिया को बोन कैंसर के होने का पता चला था। 25 वर्षीय मारिया ने हार नहीं मानी और कैंसर को मात देकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में वापसी करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इससे पहले मारिया वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही थीं। इसी साल मई में वह वर्ल्ड टॉप 71.40 मीटर की दूरी फेंक कर अपने फॉर्म को पाने के लिए संघर्ष कर रही थीं।