टोक्यो ओलंपिक में नहीं दिखेगा रूस का झंडा, जर्सी पर नहीं होगा देश का नाम

हालांकि खिलाड़ी अपनी पोशाकों में राष्ट्रीय रंगों का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं आलोचकों का कहना है कि टीमें जब राष्ट्रीय रंगों की पोशाकों के साथ उतरेंगी तो अंतर पहचानना बेहद मुश्किल होगा।

By: Mahendra Yadav

Updated: 19 Jul 2021, 11:33 AM IST

खेलों में डोपिंग विवाद के बाद रूस टोक्यो ओलंपिक नए नाम के साथ उतरेगा। टोक्यो ओलंपिक में रूस के एथलीट रूस और ‘ओलंपिक एथलीट ऑफ रूस’ के नाम से नहीं उतरेगी। इस बार टीम रूस ओलंपिक समिति के नाम से उतरेगी। इतना ही नहीं मेडल सेरेमनी के दौरान पोडियम के ऊपर भी रूस का झंडा नजर नहीं आएगा। रूस की टीम नए और पुराने डोपिंग मामलों का सामना कर रही है। पिछले कई वर्षों के मामलों के लिए टोक्यो ओलंपिक की टीम में शामिल 2 तैराकों को सस्पेड किया गया है। इसके अलावा रूस के दो रोइंग खिलाड़ी पिछले महीने कोरोना संक्रमित पाए गए।

पोशाकों पर राष्ट्रीय रंगों का इस्तेमाल
टोक्यो ओलंपिक में रूस की टीम अपने देश नहीं बल्कि आरओसी को रिप्रजेंट करेंगी। इसके साथ ही रूस के नाम, ध्वज और राष्ट्रगान पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि खिलाड़ी अपनी पोशाकों में राष्ट्रीय रंगों का इस्तेमाल कर सकेंगे। वहीं आलोचकों का कहना है कि रूस की टीमें जब राष्ट्रीय रंगों की पोशाकों के साथ उतरेंगी तो अंतर पहचानना बेहद मुश्किल होगा। रूस के एथलीटों के कपड़ों पर लाल, सफेद और नीले रंग का इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन उन पर रूस नाम नहीं लिखा होगा। इसके अलावा कोई अन्य राष्ट्रीय प्रतीक भी नहीं होगा।

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नतीजे भी 'आरओसी' के रूप में
आधिकारिक ओलंपिक दस्तावेजों में भी रूस का नाम नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारिक ओलंपिक दस्तावेज और टीवी ग्राफिक्स पर भी रूस की टीमों के नतीजों को ‘आरओसी’ के रूप में दिखाया जाएगा। हालांकि इसमें रूस ओलंपिक समिति का पूरा नाम नहीं लिखा जाएगा। वहीं ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले रूसी खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रगीत की जगह रूस के संगीतकार चेकोवस्की का संगीत बजाया जाएगा।

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कई बड़े टूर्नामेंट्स में हिस्सा नहीं ले सकता रूस
वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने रूस पर चार साल का बैन लगाया हुआ है। ऐसे में रूस कई बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएगा। वर्ष 2022 में कतर में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप में भी रूस हिस्सा नहीं ले पाएगा। इसके अलावा विंटर ओलिंपिक और पैरालिंपिक में भी भाग नहीं ले सकेगा। वहीं बैन की वजह से रूस अगले चार साल तक किसी भी तरह के मुख्य खेलों की मेजबानी भी नहीं कर पाएगा। वाडा का कहना है कि रूस पर आरोप था कि वह डोप टेस्ट के लिए अपने एथलीट्स के गलत सैंपल्स भेज रहा है और जांच में यह सही भी पाया गया।

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