अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व दलाल एक लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ब्यूरो के डीएसपी पर गनमैन ने किया फायर, बाल बाल बचे

कार्रवाई के दौरान काफी देर तक हुआ हंगामा, पुलिस की मदद से आरोपियों को लेकर आई टीम

By: Raj Singh

Updated: 04 Aug 2020, 07:41 PM IST

रायसिंहनगर(श्रीगंगानगर). भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की चार टीमों ने सोमवार रात करीब 12 बजे रायसिंहनगर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पति-पत्नी के विवाद के निपटाने के नाम पर एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए टीम ने श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर व एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के गनमैन ने एसीबी की टीम पर फायर कर दिया। जिससे एसीबी के डीएसपी बाल बाल बचे। इस घटनाक्रम को लेकर वहां काफी हंगामा हुआ। गनमैन व अन्य ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को फरार कराने का भी प्रयास किया।

लेकिन मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता पहुंच गया। इसके बाद ही टीम दोनों लेकर श्रीगंगानगर एसीबी ऑफिस पहुंची।
एसीबी के डीएसपी मांगीलाल चौधरी ने बताया कि नानूवाला चक 37 रायसिंहनगर निवासी परिवादी दीदार सिंह ने एसीबी को दिए परिवाद में शिकायत दी कि उसका उसकी पत्नी से विवाद चल रहा है और पत्नी ने उसके मकान पर कब्जा कर लिया।

इस संबंध में मामला दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायसिंहनगर अमृतलाल जीनगर को एक लाख रुपए दिए थे। इस पर एफआईआर दर्ज हुई और उसकी जांच रायसिंहनगर थाने में चल रही है। इसी मामले में परिवादी की पत्नी ने भी एक परिवाद दे दिया। इस मामले में राजीनामा कराने के नाम पर दलाल अनिल बिश्नोई के मॉर्फत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने दो लाख रुपए रिश्वत की मांग की है।

इस शिकायत पर रविवार व सोमवार को एसीबी की टीम ने सत्यापन कराया था। सत्यापन में मामला सही पाए जाने के बाद चार टीमों का गठन किया गया। जिनमें जयपुर से एसीबी के डीएसपी मांगीलाल चौधरी, सीकर के डीएसपी जाकिर अख्तर, डीएसपी राजेश कुमार व पुलिस इंस्पेक्टर सुभाष मील व अन्य जाब्ता शामिल रहा।

सोमवार रात को टीमों ने मिलकर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की और रायसिंहनगर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर, दलाल अनिल बिश्नोई को परिवादी से एक लाख रुपए रिश्वत एडवांस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

रायसिंहनगर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर के सरकारी आवास पर डीएसपी जाकिर अख्तर व अन्य जाब्ते ने दबिश दी थी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दबोच लिया तथा कागजात आदि लेकर नीचे आ गए। जहां जीप में बैठाते समय गनमैन ने एसीबी के डीएसपी पर फायर कर दिया, जिससे डीएसपी बाल बाल बचे। इस घटनाक्रम को लेकर वहां काफी हंगामा हुआ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के परिजन सहित अन्य लोग भी आ गए। इसकी सूचना जयपुर एसीबी अधिकारियों को दी गई।

इस पर पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर वहां थाने का जाब्ता पहुंचा। तब जाकर मामला शांत हुआ। इससे पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी अधिकारियों के चंगुल से छूटकर घर में घुस गया। बाद में एसीबी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।


एसीबी के डीएसपी मांगीलाल चौधरी ने बताया कि उनकी टीम ने चक 59 में दलाल पर कार्रवाई की थी। एसीबी की टीम प्रकरण से जुड़े कागजात आदि लेकर ्रगांव मण्डार रेवदर सिरोही निवासी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर व दलाल अनिल बिश्नोई को लेकर श्रीगंगारगर एसीबी के ऑफिस आ गई। एसीबी की ओर से गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का यहां राजकीय चिकित्सालय में कोविड सैंपल कराया गया है।


दोनों आरोपी जेल भेजे
- एसीबी के डीएसपी मांगीलाल चौधरी ने बताया कि दोपहर बाद आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर व अनिल बिश्नोई को अदालत में पेश किया गया। जहां उन्हें 18 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए हैं।


पूर्व मंत्री टीटी का खास रहा था रिश्वत लेने वाला दलाल
- दलाल श्रीकरनपुर क्षेत्र के एक गांव का है जो पहले पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी का काम देखता था। आरोपी अनिल बिश्नोई लंबे समय से पूर्व मंत्री के साथ रहा लेकिन बाद में पूर्व मंत्री ने हटाया दिया था।
पुलिस महकमे में मचा हडक़ंप


एसीबी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर पर एसीबी का छापा पडऩे व इसके बाद एसीबी टीम पर गनमैन की ओर से फायर करने की घटना की सूचना के बाद इलाके के पुलिसकर्मियों में हडक़ंप मच गया। इस मामले की खबर देर रात तक श्रीगंगानगर के पुलिसकर्मियों तक भी पहुंच गई थी। इससे यहां भी कई थानों में हडक़ंप मचा रहा।


आरोपी पहले श्रीकरणपुर में डीएसपी व अब रायसिंहनगर में एएसपी
- रिश्वत लेने के आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर रायसिंहनगर में करीब एक साल से तैनात है। इससे पहले 28 अक्टूबर 2014 से 25 जून 2016 तक श्रीकरणपुर में डीएसपी पद पर रहा था। इस दौरान टीटी राज्यमंत्री थे और तभी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के संबंध में पूर्व मंत्री के खास अनिल से संबंध थे।


परिजनों ने लगाया आरोप, मारपीट हुई
- उधर आरोपित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जीनगर के परिजनों ने एसीबी टीम पर दुव्र्यवहार व मारपीट का आरोप लगाया है, परिजनों ने पुलिस थाने में पहुंचकर एसीबी अधिकारियों पर यह आरोप लगाया।
आरोपी जीनगर का जोधपुर स्थित आवास पर भी पहुंची एसीबी


- ब्यूरो के डीएसपी मांगीलाल चौधरी ने बताया कि यहां कार्रवाई के साथ ही आरोपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर के जोधपुर स्थित एक मकान पर भी टीम पहुंची थी लेकिन वहां ताला लगा हुुआ मिला। वहां नोटिस चस्पा करवा दिया है। बताया जा रहा है कि यह करीब ढाई करोड़ का बंगला खरीदा था।
पुलिस अधिकारियों को दी गनमैन की शिकायत


- एसीबी के डीएसपी जाकिर अख्तर इस मामले को लेकर यहां पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहीराम बिश्नोई से मिले। डीएसपी ने अधिकारियों को शिकायत दी है कि आरोपी एएसपी अमृतपाल जीनगर के गनमैन ने कार्रवाई के दौरान आरोपी को छुड़ाने के लिए फायर किया। जिसमें वे बाल-बाल बच गए। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहीराम बिश्नोई ने बताया कि इस संबंध में मामले की जांच कराई जाएगी।
परिजन पहुंचे एसीबी ऑफिस


- कार्रवाई के बाद सुबह ही आरोपियों के परिजन व मिलने वाले श्रीगंगानगर में एसीबी कार्यालय के बाहर पहुंच गए। जहां एक परिजन की ओर से पत्रकारों को फोटो नहीं लेने की बात भी कही। इस पर नोकझोंक भी हुई लेकिन मामला शांत करवा दिया गया।


पत्रकारों के सामने आने से किया मना
- एसीबी ऑफिस में आरोपियों ने मीडिया के सामने आने से ही मना कर दिया। एसीबी के अधिकारियों ने उनको कई बार बाहर आने को कहा लेकिन वे नहीं माने। इस पर मीडिया कर्मियों को ही कमरे में जाकर फोटो लेने की छूट दी गई।
पहले ये शिक्षक, अब करोड़ों की संपत्ति


एक लाख की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृतलाल जीनगर सिरोही जिले के मंडार क्षेत्र के सोनेला गांव के रहने वाले है। पुलिस अफसर बनने से पहले शिक्षक थे और स्कूल में बच्चों को पढ़ाते थे लेकिन पुलिस अफसर बनने बाद धीरे-धीरे इनके रहन-सहन ठाठ-बाट बढऩे लगे।

आज इनके पास गांव के खानदानी मकान के अलावा मंडार में बंगला है। बताया जा रहा है कि इनके पास महंगी गाडिय़ां समेत बड़े शहरों में करोड़ों की संपत्ति है। इसका पता लगाया जा रहा है। मंडार का बंगला 2019 में ही बनाया है।
और बढ़ते गए ठाठ...
जानकार सूत्रों के अनुसार माउंट आबू से एसटीसी करने के बाद 7 अक्टूबर 1995 को मंडार क्षेत्र के रायपुर गांव की प्रथमिक स्कूल में अमृतलाल जीनगर की तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में पहली नियुक्ति हुई। इसके बाद सोरडा फिर सोनानी के मिडिल स्कूल में तृतीय श्रेणी शिक्षक की नौकरी की।

1995 से 2010 तक कुल 15 साल तक यह विभिन्न स्कूलों में शिक्षक के रूप में तैनात रहा। आरपीएस में चयन के बाद 24 दिसम्बर 2010 शिक्षक की नौकरी छोड़ दी। इसके बाद इनका झुकाव शहरों की तरफ रहा। पुलिस अफसर की नौकरी बाहर होने के कारण मंडार आना-जाना भी कम कर दिया।

मंडार में जून 2019 में 15 गुना 75 में बंगला बनाया। फिलहाल बंगले का आधा हिस्सा किराए पर दे रखा है। इन्होंने बड़े शहरों में प्रॉपर्टी बनाई।
घूमने-फिरने के शौकीन रहे...
जीनगर के बारे में बताया जाता है कि घूमने-फिरने का शौकीन है। देश के टॉप शहरों में घूम चुके हैं। विदेशी दौरे की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है। फोटो शूट के भी शौकीन हैं। इनके ठाठ बेहद निराले हैं।

Raj Singh Reporting
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