
वरुण गांधी ने बताया- क्यों आती है अधिकारियों के ट्रांसफर की नौबत...
सुलतानपुर. सांसद वरुण गांधी ने जिले के विकास के लिए विकास भवन में निगरानी समिति की बैठक में अधिकारियों से कहा कि कुछ लोग आपसे नाराज होकर आपका तबादला करवाने का प्रयास करते हैं यह कार्य वे तब करते हैं ,जब उनका कार्य नहीं बनता । उन्होंने कहा कि ऐसा यदि कोई करे तो तो आप लोग हमें बताएं। मैं राजनीति में यह सब पसंद नहीं करता।
निगरानी समिति की बैठक के बाद सांसद वरुण गांधी जयसिंहपुर के अमदेवा गांव गये , जहां आकाशीय बिजली गिरने से 3 बच्चों की मौत हो गई थी। गांव से मिल रहे जबरदस्त स्नेह और प्यार से अभिभूत जिले के सांसद वरूण गांधी दो दिवसीय क्षेत्र भ्रमण में गांवों की चौपाल में जनता से रूबरू हुए। सासंद वरूण गांधी ने कहा कि देश की दिशा व दशा तय करने में नौजवानों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। वरुण गांधी का कहना है कि उन्हें गांवों में ज्यादा प्यार मिलता है इसलिए उनका भी दायित्व बनता है कि वे भी गाँवों में प्यार बांटें। वह जनता से मिल रहे प्यार के भरोसे ही राजनीति कर रहे हैं।
अगली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार करें
इस दौरान उन्होंने विकास कार्य के संबंध में कहा कि अगले चुनाव के लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए मजबूत नींव तैयार करें। वरुण गाधी ने बुधवार को अधिवक्ता सभागार की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने 35 सड़कों का लोकार्पण किया। सड़कों के किनारे फलदार वृक्ष लगाने पर जोर दिया साथ ही प्रशासन से पॉलीथीन के प्रयोग को सख्ती से रोकने की अपील की।सांसद ने इस दौरान अधिकारियों से कहा कि वे अगले चुनाव के लिए नहीं बल्कि अगली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव तैयार करें। वे किसी प्रकार के दबाव में न आएं।
ठीक नहीं है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कें-
वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के बारे में कहा कि यह ठीक नहीं बन रही हैं। एक ही बारिश में ही सड़कों का पता नहीं चल रहा है। उन्होंने कौशल विकास योजना, ग्रामीण सिंचाई योजना, नेशनल सोशल असिस्टेंट कार्यक्रम की भी जानकारी ली। प्रभागीय वनाधिकारी से पौधरोपण का ब्यौरा तलब किया तथा फलदार पौधराोपण के लिए लंबी दूरी वाली कम से कम छह सड़कों का चयन कर प्लान तैयार करने को कहा। सांसद ने कहा कि पर्यावरण सुधारने के लिए गंभीरतापूर्वक जनांदोलन चलाए जाने की जरूरत है। इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ बढ़ेगा।
कुल्हड़ के प्रयोग पर बल
सांसद ने कहा कि जिले में कुटीर उद्योग के रूप में कुल्हड़ उत्पादन की संभावना तलाश करें। प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इसके उपयोग के लिए वातावरण बनाएं।
Published on:
13 Jun 2018 07:46 pm
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