Video : धूल से तो परेशान थे ही रोड बनाने में भी कर रहे थे गड़बड़ी, 4 घंटे थमे पहिए तब पता चली ये बात

rampravesh vishwakarma

Publish: Jan, 13 2018 08:16:09 PM (IST) | Updated: Jan, 13 2018 08:30:41 PM (IST)

Surajpur, Chhattisgarh, India

प्रतापपुर-अंबिकापुर सड़क निर्माण से पेटी कांट्रेक्टर को सड़क विकास निगम ने हटाया, एपीएम ने दी जानकारी कि मुख्य निर्माण एजेंसी ही करेगी काम

केरता. सड़क विकास निगम द्वारा कराए जा रहे अम्बिकापुर-प्रतापपुर मार्ग के निर्माण में व्यापक अनियमितता और धूल से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह लगभग 11 बजे पम्पापुर चौक के पास चक्काजाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे विभाग के एपीएम ने पेटी कांट्रेक्टर को हटाते हुए मूल ठेकेदार से काम कराने की जानकारी दी।

एपीएम द्वारा यह कहने पर कि ठेकेदार उनकी बात नहीं सुनता, एसडीएम रवि सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी मांगों पर उनसे लिखित प्रतिवेदन लिया तथा बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक रखने की बात कही।

इस दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को महान नदी पर सेतु निगम द्वारा बनाये गए रपटा निर्माण में धांधली और कच्चा रपटा के लिए दिए 10 लाख वापस न करने और ह्यूम पाइप ले जाने की शिकायत लिखित में करते हुए स्वतन्त्र एजेंसी से जांच की मांग की। अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद करीब 4 घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।


गौरतलब है कि प्रतापपुर से अम्बिकापुर जाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण सड़क तो है ही। इस मार्ग में संभाग का सबसे बड़ा उद्योग शक्कर कारखाना और महान दो कोयला खदान भी है। भविष्य में महान तीन और चार माइंस भी खुलनी है, लेकिन सबसे बदहाल यही सड़क है।

कई वर्षों की मांग के बाद सरकार ने करीब ९० करोड़ की लागत से इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति देते हुए इसके निर्माण का जिम्मा सड़क विकास निगम को सौंपा है जिसका ठेका बाहर की एक कम्पनी को दिया गया था। वहीं मुख्य ठेकेदार ने इसके निर्माण के लिए पेटी में अम्बिकापुर के एक ठेकेदार को दे दिया था।

इसके बाद से ही निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे थे और हुआ भी यही। मानक को ताक पर रखकर निर्माण कार्य कराया जाने लगा, साथ ही इसकी गति भी काफी धीमी हो गई। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश पनपने लगा था क्योंकि कई मांगों और शिकायतों के बाद न धूल से निजात मिल रही थी और न ही काम में सुधार हो रहा था। इससे नाराज ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह 11 बजे पंपापुर चौक पर चक्काजाम कर दिया।

इससे सड़क के दोनों ओर गाडिय़ों की लंबी लाइन लग गई। इसकी सूचना पर एसडीएम प्रतापपुर रवि सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद सड़क विकास निगम के एपीएम पीके श्रीवास्तव और गावर कंपनी के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए।

ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और धूल से मुक्ति के साथ उच्चस्तरीय निर्माण की मांग की। सड़क विकास निगम के एपीएम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया किन्तु ग्रामीण नहीं माने और मांगों को लेकर लिखित आश्वासन मांगा।

विरोध प्रदर्शन में अनुज प्रताप सिंह, राकेश मित्तल, अभय गुप्ता, राजेश केहरी, विशाल गुप्ता, संतोष यादव, संतोष टोप्पो, महेश सोनी, योगेंद्र ठाकुर, श्यामलाल मानिकपुरी, अनिल सोनी, दीपक जायसवाल, रितेश सांडिल्य, राहुल दास, विमलेश मिंज सहित अन्य ग्रामीण व पुलिस बल मौजूद था।


एपीएम बोले-ठेकेदार बात ही नहीं सुनता, क्या करें
ग्रामीणों ने कल्याणपुर के पास सड़क घटिया गिट्टी डालने की बात उठाई, इस पर एसडीएम रवि सिंह के समक्ष एपीएम ने कहा कि ठेकेदार उनकी बात नहीं सुनता, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम ने सभी मांगों और निर्माण कार्य में सुधार को लेकर लिखित आश्वासन देने एपीएम से कहा।

इसके बाद एपीएम श्रीवास्तव ने लिखित में बताया कि ओएटी कांट्रेक्टर प्रकाश राय को कार्य से हटा दिया गया है और अब काम गावर कम्पनी स्वयं कर रही है। साथ ही उन्होंने लिखकर दिया कि कल्याणपुर के पास में डाली गई घटिया गिट्टी हटाई जाएगी। सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। सड़क के किनारे से मलबा हटाने, नियमित पानी पटाने, रपटा के पास सप्ताह में दो दिन ग्रेडर चलाने व खेतों से बोल्डर हटाने की बातें लिख कर दी।

ग्रामीणों ने मांग की कि सम्बन्धित अधिकारी कैम्प लगाकर केरता के पास रहें ताकि नियमित देख रेख हो सके क्योंकि कोई भी अधिकारी यहां नहीं आता और ठेकेदार अपनी मर्जी से काम कर रहा है जिसके बाद एसडीएम के निर्देश पर एपीएम ने लिख कर दिया कि प्रत्येक तीन दिन बाद कार्य प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करेंगे।

एपीएम द्वारा लिखकर देने तथा बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुन: बैठक की बात एसडीएम रवि सिंह द्वारा कहे जाने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।


महान नदी पर बने रपटा निर्माण की होगी जांच
चक्काजाम के दौरान ग्रामीणों ने महान नदी पर करीब तीन करोड़ की लागत से बने रपटा में अनियमितता और जांच के बाद भी कुछ नहीं होने का मुद्दा उठाया। मौके पर उपस्थित सेतु निगम के एसडीओ व अन्य ने मामले में गुमराह करने का प्रयास किया जिस पर वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जिसके बाद एसडीएम ने ग्रामीणों से लिखित शिकायत देने कहा और आश्वस्त किया कि कलक्टर के निर्देश पर स्वतन्त्र एजेंसी से जांच कराई जाएगी।

शिकायत में ग्रामीणों ने कम काम के बाद भी पूरा भुगतान और घटिया निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आवेदन में शक्कर कारखाना को अब तक सेतु निगम द्वारा कच्चा रपटा निर्माण का दास लाख रुपये न लौटाने तथा यहां के ह्यूम पाइप उठाकर ले जाने का मामला भी उठाया जिसकी जांच का आश्वासन भी एसडीएम ने दिया।

इस दौरान सेतु निगम के एसडीओ ने बताया कि महान नदी पर बने पुल की स्वीकृति इस बजट सत्र में मिलने की उम्मीद है जिसके लिए करीब पंद्रह करोड़ का स्टीमेट बनाकर शासन को दिया गया है।

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