टेंडर के बाद भी रेंग रहा सीवरेज कार्य, अभी दो माह ओर लगेंगे शुरू होने में

टेंडर के बाद भी रेंग रहा सीवरेज कार्य, अभी दो माह ओर लगेंगे शुरू होने में

By: pawan sharma

Published: 08 Oct 2020, 06:54 PM IST

टोंक. शहर पर गंदगी के लगे दाग को मिटाने तथा लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 5 साल पहले शुरू हुआ सीवरेज कार्य अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी रेंग रहा है। शहर में फिर से सीवरेज का कार्य शुरू होने में अभी भी दो से तीन महीने लगेंगे। जबकि नवम्बर 2015 में शुरू हुआ सीवरेज व पेयजल लाइन का कार्य नवम्बर 2018 में ही पूरा होना था, लेकिन जिस फर्म को इन कार्यों का टेंडर दिया गया, वह तीन साल में कुछ काम कर रवाना हो गई।


नतीजन दोबारा से सीवरेज का टेंडर जारी किया गया है। अभी भी कार्य शुरू होने में समय लगेगा। ऐसे में शहर के लोगों को स्वच्छता व पेयजल की उम्मीद मुंगरेलाल के हसीन सपना जैसी हो गई है। आरयूआइडीपी की गत 26 मई को टेक्नीकल बीड व गत 31 जुलाई को वित्तिय तकनीकी निविदा राज्य स्तरीय तकनीकी समिति के समक्ष खोली है। इसके बाद इसकी मंजूरी के लिए एडीबी व राज्य सरकार को भेजा गया है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद ही टोंक में अधूरे पड़े पेयजल और सीवरेज के कार्य होंगे।


2015 में हुआ था कार्य शुरू:

राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के तृतीय चरण में एशियाइ विकास बैंक के वित्तीय सहयोग से 388 करोड़ रुपए की लागत से 16 नवम्बर 2015 को शहर में पेयजल व सीवरेज का कार्य शुरू हुआ था। इसे 14 नवम्बर 2018 तक पूरा किया जाना था। यह कार्य पूरा होने के बाद 2028 तक संचालन व रखरखाव निर्माण कम्पनी को ही दिया गया था, लेकिन उक्त कम्पनी की ओर से कार्य बहुत ही धीमा किया गया।

कम्पनी ने तीन साल में मात्र 37 प्रतिशत ही कार्य किया। वहीं सरकार को कार्य में अनियमितता की भी शिकायत मिली। ऐसे में 26 जून 2019 को राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना ने उक्त कम्पनी के खिलाफ टर्मिनेशन के आदेश जारी कर दिए। साथ ही 38.80 करोड़ रुपए की अमानत राशी सरकार ने जब्त कर ली। कार्य की गति धीमी होने पर 10 करोड़ रुपए का जुर्माना भी किया गया।

सीवरेज का ये काम है बाकि

परियोजना के अनुसार 350 किमी सीवर पाइप का कार्य किया जाना है। शहर में दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य भी अधूरा ही हुआ है। इसमें मोलाईपुरा में 16 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट का कार्य भी 74 प्रतिशत हो पाया है। इसका भी 26 प्रतिशत कार्य करना शेष है। इसी प्रकार सोरन में 4 एमएलडी क्षमता के प्लांट का कार्य भी 82 प्रतिशत ही हो पाया है। इसको पूरा करने के लिए अभी 18 प्रतिशत कार्य करना बाकी है।

ये है लाभांवित क्षेत्र
परियोजना के अनुसार पुलिस लाइन, केप्टन कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, सिंधी कॉलोनी, रैगर बस्ती, अन्नपूर्णा कॉलोनी, संतोष कॉलोनी, गणपति नगर, सरपंच कॉलोनी आदि इलाके लाभांवित क्षेत्रों में शामिल हैं।

तीन अधूरे कार्य होंगे
शहर में पेयजल के लिए 430.55 किलोमीटर पाइप लाइन का कार्य किया जाना था, जिसमें से 172.591 किमी कार्य हो पाया था। इसको पूरा करने के लिए अब 257.959 किमी का कुल कार्य किया जाना शेष है। इसी प्रकार शहर में पेयजलापूर्ति के लिए अन्नपूर्णा गणेश मंदिर, सोंलगपूरा माताजी के पास, बीालपुर कॉलोनी व रामद्वारा स्थित 4 उच्च जलाशय के लिए टंकियों का निर्माण भी 81 प्रतिशत ही हुआ है। इनका भी 19 प्रतिशत कार्य होना शेष है। इसी प्रकार शहर के किदवई पार्क, जेल रोड व हाउसिंह बोर्ड क्षेत्र मेंं ग्राहक सहायता प्रबंध केन्द्र का कार्य भी 70 प्रतिशत ही हो पाया है।

सडक़ों के गड्ढे दे रहे जख्म
आरयूआइडीपी की ओर से निर्माण करने वाली कम्पनी ने तीन साल पहले शहर के कई इलाकों में पाइप लाइन डालते समय गड्ढे खोदे थे। नियमानुसार उनकी मरम्मत हाथों हाथ करनी थी, लेकिन अनदेखी के चलते ऐसा नहीं हुआ। ऐसे में कई इलाकों में पाइप लाइन डालते समय तोड़ी गई सडक़ों के गड्ढे अब लोगों को जख्म दे रहे हैं। इन गड्ढों में गिरकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं।

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