ANAND BHAVAN

आनंद भवन

ANAND BHAVAN

विवरण :

आनंद भवन इलाहाबाद में एक ऐतिहासिक भवन और संग्रहालय है जो नेहरू परिवार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह भारतीय राजनीतिक नेता मोतीलाल नेहरू ने सन 1930 के दशक में नेहरू परिवार के निवास के रूप में सेवा करने के लिए बनवाया गया था।

 

इस ऐतिहासिक भवन का निर्माण मोतीलाल नेहरू ने करवाया था। सन 1930 में उन्होंने इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। इसके बाद यहां कांग्रेस कमेटी का मुख्यालय बनाया गया। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी का जन्म यहीं पर हुआ था। आज इसे संग्रहालय का रूप दे दिया गया है। सन 1970 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मोतीलाल नेहरू की पोती और जवाहरलाल नेहरू की बेटी ने भारत सरकार को आनंद भवन दान में किया था।

 

सन 1899 में मोतीलाल नेहरु ने चर्च लेन नामक मोहल्ले में एक अव्यवस्थित इमारत खरीदी। जब इस बंगले में नेहरु परिवार रहने के लिए आए तब इसका नाम आनन्द भवन रखा गया था। सन 1931 में पं मोतीलाल नेहरु के गुजरने के बाद उनके पुत्र जवाहर लाल नेहरु ने एक ट्रस्ट बना कर आनन्द भवन भारतीय जनता के ज्ञान के विकास स्वास्थ्य एंव सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था।

 

सन 1974 में स्वंगीय प्रधानमत्री इंदिरा गांधी ने जवाहर लाल मेमोरियल फण्ड बना कर यह इमारत 20 वर्ष के लिए उसे पट्टे पर दे दिया था। 

सन 1942 में इन्दिरा गांधी का विवाह इसी भवन में हुआ था और सन 1938 में जवाहरलाल नेहरु की मां स्वरुप रानी की मृत्यु भी यहीं हुई थी। सन 1970 में इन्दिरा गांधी ने इस भवन को राष्ट्र को समर्पित कर दिया था और इसके बाद उसे एक संग्रहालय का स्वरुप दे दिया गया। इसके खुलने का समय प्रात: 9.30 से सांय 5 बजे तक हैं।

 

साप्ताहिक अवकाश सोमवार को रहता हैं।

निर्माण : सन 1930 के दशक में

निर्माणक : मोतीलाल नेहरू

सन 1930 में : राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया

सन 1970 में : भारत सरकार को आनंद भवन दान में किया गया

सन 1899 में : यह इमारत खरीदी थी

सन 1931 में : विकास स्वास्थ्य एंव सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया गया

सन 1974 में : प्रधानमत्री इंदिरा गांधी 20 वर्ष के लिए उसे पट्टे पर दे दिया

सन 1942 में : इन्दिरा गांधी का विवाह इसी भवन में हुआ था

सन 1938 में : जवाहरलाल नेहरु की मां स्वरुप रानी की मृत्यु भी यहीं हुई थी

सन 1970 में : इन्दिरा गांधी ने इस भवन को राष्ट्र को समर्पित कर दिया

खुलने का समय : प्रात: 9.30 से सांय 5 बजे तक

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