BITHOOR

बिठूर

BITHOOR

विवरण :

उत्तर प्रदेश में बिठूर, कानपुर के पश्चिमोत्तर दिशा में 27 किमी दूर स्थित एक नगर है। मेरठ के अलावा बिठूर में भी सन 1857 में भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम का श्रीगणेश हुआ था। यह शहर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से 22 किलोमीटर दूर कन्नौज रोड़ पर स्थित है।

उत्तर प्रदेश में बिठूर गंगा किनारे एक ऐसा सोया हुआ सा, छोटा सा क़स्बा है जो किसी ज़माने में सत्ता का केंद्र हुआ करता था। कानपुर के पास आज यहां की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें, बारादरिया और मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में पड़ी हैं। लेकिन स्थानीय लोगों के पास इतिहास की वो यादें हैं जिनका पाठ हर बच्चे को स्कूल में सिखाया जाता है। ये नानाराव और तात्या टोपे जैसे लोगों की धरती रही है। टोपे परिवार की एक शाखा आज भी बैरकपुर में है और यहीं झांसी की रानी लक्ष्मी बाई का बचपन बीता था।

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार

ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना के पूर्व यहां तपस्या की थी। उसी को स्मरण दिलाता यहां का ब्रह्मावर्त घाट। ये भी वर्णन मिलता है कि यहीं पर ध्रुव ने भगवान विष्णु की तपस्या की थी। महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि बिठूर को प्राचीन काल में ब्रह्मावर्त नाम से जाना जाता था। बिठूर में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के अनेक पर्यटन स्थल देखे जा सकते हैं। गंगा किनार बसे इस नगर का उल्लेख प्राचीन भारत के इतिहास में मिलता है। इसी स्थान पर भगवान राम ने सीता का त्याग किया था और यहीं संत वाल्मीकि ने तपस्या करने के बाद पौराणिक ग्रंथ रामायण की रचना की थी। 1857 के संग्राम के केन्द्र के रूप में भी बिठूर को जाना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी के किनारे लगने वाला कार्तिक अथवा कार्तिकी मेला पूर भारतवर्ष के लोगों का ध्यान खींचता है।

 

 

बिठूर : कानपुर के पश्चिमोत्तर दिशा में 27 किमी दूर स्थित एक नगर

सन 1857 में : भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम का श्रीगणेश हुआ

कार्तिकी मेला : कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा नदी के किनारे

स्थान : कानपुर. उत्तर प्रदेश

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