script RAS 2021 : सात घंटे स्कूल में पढाया, फिर घर पर तैयारी और आकांक्षा बन गई आरएएस | RAS 2021, RAS Results, Udaipurs' Akanksha Dubey Got 6th Rank | Patrika News

RAS 2021 : सात घंटे स्कूल में पढाया, फिर घर पर तैयारी और आकांक्षा बन गई आरएएस

locationउदयपुरPublished: Nov 18, 2023 11:39:56 pm

Submitted by:

madhulika singh

2018 में पहले प्रयास में भी मिली थी सफलता लेकिन रैंक ज्यादा पीछे होने से वापस 2021 में दी परीक्षा, राजस्थान में महिलाओं में तीसरे स्थान पर, ओवरऑल हासिल किया छठां स्थान, राउमावि साकरोदा में मैथ्स की लेक्चरर

ras akanksha dubey
लेकसिटी की आकांक्षा दुबे का आरएएस परीक्षा-2021 में छठां स्थान
लेकसिटी की आकांक्षा दुबे ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (आरएएस ) परीक्षा-2021 की मुख्य परीक्षा में राज्य में छठां स्थान प्राप्त किया। वहीं, महिलाओं में तीसरा स्थान है। आकांक्षा ने ये सफलता अपने परिवार और दिवंगत पिता को समर्पित की है। आकांक्षा की सफलता की सबसे बड़ी व खास बात यह है कि परीक्षा की तैयारी उन्होंने बिना किसी कोचिंग के की। लेकिन रैंक अच्छी ना बन पाने से उन्होंने 2021 में वापस परीक्षा दी और छठी रैंक हासिल की। परिणाम आने के बाद से उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
10 साल की उम्र में खोया पिता को, मां ने निभाई जिम्मेदारी

सेक्टर 9 सवीना निवासी आकांक्षा ने बताया कि जब वे 10 साल की थीं तब पिता श्रीलाल दुबे को खो दिया था। पिता बिजनेस करते थे। वहीं, मां गृहिणी थीं। वे चार भाई-बहनाें में सबसे छोटी है। पिता के बाद मां ने ही घर संभाला। मां और भाई-बहनों के मार्गदर्शन का ही नतीजा है कि वे इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं। घर के हर सदस्य का इसमें योगदान है। एक लंबे संघर्ष के बाद ये सफलता मिली है। इसलिए ये पिताजी और परिवार को समर्पित है।
ras_akanksha_with_family.jpgस्टेटिस्टिक्स में गोल्ड मेडलिस्ट, सेल्फ स्टडी की

आकांक्षा ने बताया कि उनकी स्कूलिंग आदिनाथ पब्लिक स्कूल, से.11 से हुई। इसके बाद सुखाडि़या विवि से एमएससी मैथेमेटिक्स, स्टेटिस्टिक्स में किया। बाद में बीएड करने के बाद वे लेक्चरर लग गई हैं। वर्तमान में वे राउमावि साकरोदा कुराबड़ में मैथेमेटिक्स की लेक्चरर हैं। स्कूल में 7 घंटे गुजारने के बाद वे घर लौटकर तैयारी करती थीं। छुट्टी लेकर भी तैयारी की। वहीं, एग्जाम और इंटरव्यू के बीच एक साल का गेप रहा जिसका काफी फायदा मिला। उन्होंने रिटायर्ड आरएएस अधिकारियों से इंटरव्यू के लिए मार्गदर्शन लिया।
ऑनलाइन से ज्यादा किताबों पर करें भरोसा

आकांक्षा ने बताया कि जब पहली बार परीक्षा दी थी तब बेहतर तैयारी नहीं थी। जिससे वह रैंक में पीछे रहीं। 2021 में पूरी तैयारी की। सात घंटे स्कूल में बिताने के बाद शेष बचा समय घर पर अपनी पढ़ाई को देती थी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन की बजाय किताबों पर भरोसा करना चाहिए। मन में कभी निराशा नहीं लाएं और खुद को किसी से कम नहीं समझें।

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