कैंसर पीडि़त महिला को मौत के मुंह से निकाल लाई गुरु की मदद

उदयपुर एयरपोर्ट पर तैनात प्राचार्य ने दिखाया मदद का जज्बा, सऊदी अरब से आए युवक की आर्थिक सहायता

By: madhulika singh

Published: 07 Sep 2020, 10:40 PM IST

उदयपुर. कहते हैं कि गुरु ईश्वर से कम नहीं होता है। जो ना केवल हर कदम पर साथ देता है बल्कि आपकी जिंदगी बदलने में भी मददगार का काम करता है। अगर मदद करने का जज्बा हो तो ये मदद किसी की जिंदगी भी बचा सकती है। मदद का कुछ ऐसा ही जज्बा दिखाया है एक गुरु ने। इससे ना केवल एक कैंसर पीडि़त महिला की जान बची बल्कि टूटते परिवार की खुशियां भी लौट आईं।

दरअसल, प्राचार्य सुशील कुमार गुप्ता की 8 जून से उदयपुर एयरपोर्ट पर प्रभारी के रूप में ड्यूटी लगी थी। गुप्ता ने बताया कि इसी दौरान सऊदी अरब से 7 अगस्त को मोतीलाल जोशी आए, जिनके पास ना तो पैसे थे और ना ही उन्होंने दो-तीन दिन से खाना खाया था। वे सबसे मदद की गुहार लगा रहे थे। मोतीलाल की कंपनी ने उनका टिकट करवा दिया था, जिससे वे उदयपुर पहुंच गए थे, यहां से उन्हें अपने घर जसवंतगढ़, गोगुंदा जाना था। लेकिन, सरकार के निर्देशानुसार उन्हें क्वॉरंटीन भी किया जाना था। ऐसे में जब उन्होंने मोतीलाल की बात सुनी तो उन्हें होटल में क्वॉरंटीन कराया जिसका सारा खर्च उन्होंने ही उठाया। इसी दौरान जोशी ने बताया कि उनकी पत्नी इंदिरा कैंसर की मरीज है और उसका इलाज तुरंत करवाना है। ऐसे में उन्हें जल्द ही उनके पास पहुंचना है।

उठाया जिम्मा
गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रशासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया और बताया कि अगर मोतीलाल की पत्नी का इलाज समय पर नहीं हुआ तो पत्नी की जान चली जाएगी। तब गुप्ता ने मोतीलाल की पत्नी के इलाज के सारे कागजात उनके रिश्तेदार से ऑनलाइन मंगवाए। उसका कैंसर का इलाज पूर्व में बड़ौदा में हुआ था लेकिन कैंसर फिर से फैल गया। उनके दो बच्चे भी हैं। ऐसे में मोतीलाल की परेशानी देखते हुए तुरंत कोरोना का टेस्ट करवाया और प्रशासन की स्वीकृति पर मोतीलाल को तीसरे दिन ही घर भेज दिया गया। इसके बाद मोतीलाल ने पत्नी का कैंसर का ऑपरेशन कराया और अब पत्नी स्वस्थ है। ऐसे में पूरे परिवार की खुशियां लौट आईं। इस काम में गुप्ता को पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना और एडीएम ओपी बुनकर ने सहयोग किया। वहीं, उदयपुर एयरपोर्ट निदेशक नंदिता भट्ट नेे उनके इस जज्बे को सलाम करते हुए शिक्षक दिवस पर उनके सम्मान में ट्वीट भी किया। सुशील 20 सालों तक राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता रह चुके हैं और इसके बाद राउमावि बामणिया सलूंबर में भी प्रधानाचार्य पद पर रह चुके हैं।

madhulika singh Reporting
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