Makar Sankranti: बाबा महाकाल ने भी मनाई संक्रांति, श्रद्धालुओं ने क्षिप्रा में लगाई डुबकी

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी मनाई जाती है संक्रांति, क्षिप्रा में स्नान का है विशेष महत्व....।

By: Manish Gite

Published: 14 Jan 2021, 01:40 PM IST

उज्जैन। मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को पूरे मध्यप्रदेश में शिद्दत के साथ मनाया जा रहा है। महाकाल की नगरी उज्जैन में भी सुबह से ही इस पर्व के प्रति लोगों का उत्साह देखा गया। मान्यता के मुताबिक लोगों ने क्षिप्रा नदी में स्नान कर दानपुण्य किया और पूर्वजों को भी याद किया।

 

उज्जैन में गुरुवार सुबह से ही क्षिप्रा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोग स्नान करने उमड़े। कोरोना काल के चलते हालांकि थोड़ी भीड़ कम देखी गई, लेकिन प्रशासन भी कोरोना की गाइडलाइन का पालन करवाता नजर आया। इस मौके पर पोहे जलेबी के स्टाल लगाए गए थे। लोगों ने दानपुण्य किए। कुछ लोगों ने पतंग का वितरण भी किया।

 

मकर संक्रांति पर्व पर उज्जैन में क्षिप्रा नदी में आज के दिन स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय अमृत की बूंद इस नदी के रामघाट पर गिरी थी। यही वजह है कि क्षिप्रा को मोक्षदायिनी भी कहा जाता है। अपने वनवास के दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण ने अपने पिता दशरथ का पिंडदान भी रामघाट पर किया था। ऐसा भी माना जाता है कि इस स्थान पर स्नान करने से सात जन्मों के पाप दूर हो जाते हैं।

बाबा का अभिषेक

मंदिर के पुजारियों ने सुबह भस्म आरती हुई, जिसमें तिल से अभिषेक हुआ। तिल से बने लड्‌डुओं का भोग लगाया गया। बाबा का अभिषेक किया और विशेष श्रृंगार हुआ। इस मौके पर कोविड नियमों के मुताबिक श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए।

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