जब नाराज किन्नरों ने कलेक्टर को घेरा, लिखित आश्वासन के बाद छोड़ा

किन्नरों हो गए थे नाराज, कार के सामने जमे और लिखित में आश्वासन मिलने के बाद ही हटे...।

By: Manish Gite

Published: 24 Feb 2021, 03:55 PM IST

 

उज्जैन. वर्कशॉप आयोजन को लेकर सहायता राशि नहीं मिलने से नाराज किन्नरों ने मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह का घेराव कर दिया है। कलेक्टर ने शासन से राशि प्राप्त होने पर आवंटित करने का कहा तो किन्नर लिखित में आश्वासन देने पर अड़ गए। लंबे समय तक वे अपनी मांग पर अडे़ रहे और कलेक्टर की कार के सामने से नहीं हटे। आखिरकार कलेक्टर ने उन्हें लिखित में आश्वासन दिया जिसके बाद वे माने और गाड़ी को निकलने की जगह दी।

 

 

श्री हरिवैष्णव वैश्विक संघ के किन्नरों का प्रतिनिधमंडल जनसुनवाई में कलेक्टर से मिलने बृहस्पति भवन पहुंचा था। कलेक्टर के वीसी में व्यस्त होने पर किन्नर उनके इंतजार में वहीं रुक गए। कलेक्टर आशीष सिंह के बाहर निकलते ही किन्नरों ने सरकार द्वारा वर्कशॉप के लिए फंड स्वीकृत करने के बावजूद लंबे समय से राशि नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने प्रकरण दिखवाने का कहा तो किन्नरों ने यहां से वहां चक्कर काटने पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने शासन से फंड मिलते ही आवंटित करने का आश्वासन दिया। किन्नरों ने यह बात लिखित में चाही। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि वे इन्हें (किन्नर) कार्यालय में ले जाकर इस आशय का पत्र दे दें। यह कहकर कलेक्टर कार में बैठ गए। इसी समय किन्नर कार के सामने खड़े हो गए।

 

 

उन्होंने कहा कि हमारा एक साथी तहसीलदार के कार्यालय में जाएगा और पत्र मिलने तक बाकी साथी यहीं (कार के सामने) खड़े रहेंगे। सभी किन्नर कार के सामने जम गए। 5-7 मिनट बाद कलेक्टर कार से उतरे और एक कागज पर लिखकर दिया कि जैसे ही आवंटन प्राप्त हो जाएगा, वैसे ही भुगतान किया जाएगा। इसके बाद सभी किन्नर कार के सामने से हट गए।

 

तहसीलदार के साथ किन्नर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अधिकृत तौर पर पत्र लिया। यहां भी किन्नरों ने राशि नहीं मिलने और अधिकारियों द्वारा आज-कल का कह चक्कर कटवाने का आरोप लगाकर नाराजगी जताई।

 

 

 

दो लाख का फंड होने का दावा

किन्नरों ने बताया, सरकार ने किन्नरों के लिए एक फंड मंजूर किया है, हर जिला कलेक्टर को। हमारा श्री हरि वैष्णव वैश्विक संघ बना है, जिसमें 13 जनवरी से वर्कशॉप थी। कलेक्टर ने चेक बनाकर दिया और कहा कि अभी 70 हजार हैं, इतने ही दे पाएंगे। दो दिन में राशि देने का कहा लेकिन नहीं दी। स्थानीय अधिकारी पंथारी रुपए खत्म होने और आज-कल में देने का कहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि गरीब किन्नरों का रुपया आखिर कहां खर्च हो गया। किन्नरों ने यह दावा किया कि उनके लिए सरकार ने दो लाख रुपए का फंड स्वीकृत किया है।

शासन से कोई आदेश नहीं मिला

मामले में सामाजिक न्याय विभाग संयुक्त संचालक सीएल पंथारी ने बताया कि केंद्र या राज्य शासन से इस प्रकार के किसी फंड के जारी करने संबंधित कोई आदेश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। कुछ दिन पूर्व कार्यक्रम को लेकर सहयोग राशि के लिए किन्नर कलेक्टर से मिले थे। कलेक्टर ने नियमानुसार सहयोग राशि प्रदान करने का कहा था। इसलिए स्थानीय स्तर पर ही कार्रवाई की जा रही थी।

 

प्रदर्शन के बाद 35 हजार आवंटित

किन्नरों द्वारा नाराजगी जताने के बाद सामाजिक न्याय विभाग द्वारा करीब 35 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं। संयुक्त संचालक पंथारी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर राशि आवंटित की गई है। यदि केंद्र या राज्य सरकार से कोई राशि स्वीकृत करने का आदेश प्राप्त होता है तो वह भी आवंटित की जाएगी।

Manish Gite
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