शहादत दिवस पर सेनाध्यक्ष ने छुए परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की पत्नी के पांव

शहादत दिवस पर सेनाध्यक्ष ने छुए परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद की पत्नी के पांव
सेेेेना प्रमुख जनरल विपिन रावत

Mohd Rafatuddin Faridi | Updated: 11 Sep 2017, 10:02:00 PM (IST) Varanasi, Uttar Pradesh, India

गाजीपुर में मनाया गया वीर अब्दुल हमीद का 52वां शहादत दिवस, राज्यपाल राम नाइक और सेनाध्यक्ष विपिन रावत हुए शामिल।

गाजीपुर. परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का 52वां शहादत दिवस उनके पैतृक गांव धामपुर में मनाया गया। इसमें यूपी के राज्यपाल राम नाइक और सेना प्रमुख विपिन रावत शामिलहुए। राजयपाल ने भारतीय सेना को श्रेष्ठ बताया। सेना प्रमुख ने वीर अब्दुल हमीद की पत्नी रसूलन बीबी के पांव छुए और आशीर्वाद लिया। उन्हें सम्मानित भी किया गया। उन्होंने अन्य परिवारों से मिलकर उनका हालचाल भी लिया।

 

सेनाध्यक्ष ने इस दौरान गाजीपुर की ये धरती परम धन्य भूमि है क्योंकि यहां आप लोगों के बीच वीर अब्दुल हमीद जैसे वीर जवान ने जन्म लिया। मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि गाजीपुर की धरती धन्य है आप लोग आगे के दिनों में भी देश में ऐसे ही नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उनकी शहादत को बेकार नहीं जानें देंगे। पाकिस्तान के मामले पर बोले कि, गोली से नहीं बोली से बात करने की बात कही जा रही है और इसमें मैं कुछ नहीं कह सकता। इस मामले में हमारे शीर्ष नेतृत्व का जैसा आदेश होगा वैसी कार्रवाई हमारी ओर से की जाएगी।

 

वहीं कश्मीर में पत्थरबाजों के मामले पर उन्होंने कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है इस मामले में हमारी सेना और सैनिक बल निश्चित तौर से कार्रवाई कर रहे हैं इस मामले में जो हमारे शीर्ष नेतृत्व हैं जैसा उनका आदेश रहेगा वैसे हमारी तरफ से कार्रवाई की जाएगी।

 

वहीं जनरल विपिन ने एक सवाल का जवाब में कहा कि गाजीपुर में यहां के युवाओं में जो जज्बा है उसके हिसाब से उन्हें बेहतर ट्रेनिंग दी जाये इसकी व्यवस्था की जाएगी। वादा किया कि गाजीपुर जिले में सेना की भर्ती जल्द कराई जाएगी।

 

बता दें कि 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध में खेमकरन सेक्टर में मौजूद अब्दुल हमीद ने अपने सीमित साधनों के बावजूद पाकिस्तानी फौज को आगे बढऩे से रोका। उन्होंने एक-एक कर तीन पैटर्न टैंको को नष्ट कर दिया। इससे पाकिस्तानी फौजें बौखला गयीं। अब्दुल हमीद जब एक पटर्न टैंक पर निशाना साध रहे थे इसी दौरान वह टैंक के एक गोले से शहीद हो गए।

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