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सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के नये निर्देश का क्या होगा हश्र, होगी कार्रवाई

भू माफिया की मिलीभगत से होती है अधिकारियों की तैनाती, निर्देश जारी करने वाले अध्यक्ष पर नहीं कर पाये थे कार्रवाई
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 13 Aug 2018, 2:42 PM IST

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने अवैध कॉलोनी बसाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। इसके लिए आवास एंव शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने नया निर्देश भी जारी कर दिया है जिसमे अवैध कॉलोनी बनाने वालों से विकास शुल्क वसूलने के साथ ही वीडीए के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही गयी है। बड़ा सवाल है कि शासन की मंशा ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की है या फिर लोकसभा चुनाव 2019के लिए माहौल बनाना है।
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बनारस विकास प्राधिकरण की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अधिकारियों व कर्मचारियों को पैसा देकर मनमाने ढंग से निर्माण कराये की सुविधा मिल जाती है। वीडीए में इतना भ्रष्टाचार व्याप्त हो चुका है कि जिस मकान को सील किया जाता है वहां पर काम फिर शुरू होने में देर नहीं लगती है। भले ही शिकायत का निस्तारण भी न हुआ हो। अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार करने का काम तत्कालीन वीडीए वीसी पुलकित खरे ने किया था। पुलकित खरे की देन थी कि वीडीए के अधिकांश कर्मचारी सुधरने लगे थे। युवा आईएएस ने व्योम नाम की वेबसाइट बनायी थी जिस पर वीडीए की सारी नोटिस से लेकर कार्रवाई व ऑनलाइन नक्शा पास कराने की जानकारी थी। पुलकित खरे ने जब भू माफिया पर शिकंजा कसना शुरू किया तो बीजेपी विधायक को यह पसंद नहीं आया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने वीडीए वीसी को हटा कर हरदोई का डीएम बना दिया। बड़ी बात है कि जिस समय पुलकित खरे वीडीए में वीसी थे उसी समय वीडीए अध्यक्ष की जिम्मेदारी तत्कालीन मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण के पास थी लेकिन कमिश्रर भी भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में अक्षम साबित हुए थे और अब आवास एंव शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पद से अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
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शहर में है 500 से अधिक अवैध कॉलोनी
शहर में 500 से अधिक अवैध कॉलोनी है और जिस रफ्तार से प्लाटिंग करके कॉलोन बसाने की रफ्तार चल रही है उससे यह आंकड़ा हजार पार कर जायेगा। शहर में अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर वीडीए कागजी कोरम पूरा करने से पीछे नहीं हटता है। ऐसे प्लाटिंग को सील कर दिया जाता है लेकिन प्लाटिंग करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई नहीं की जाती है इससे समझा जा सकता है कि वीडीए खुद नहीं चाहता है कि इन बिल्डरों पर कार्रवाई हो।
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सिर्फ चुनावी लाभ तक सीमित रह जायेगा सीएम योगी आदित्यनाथ का निर्देश
यूपी सरकार की अभी तक की स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सीएम योगी का नया फरमान चुनावी लाभ तक ही सीमित रह जायेगा। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में अभी तक भू माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। वरुणा कॉरीडोर के किनारे के अतिक्रमण को हटाया नहीं गया है। गरीबों की खाली जमीन पर दबंगों का कब्जा होता जा रहा है। ऐसे में अवैध कॉलोनी बसाने वालों पर कौन कार्रवाई करेगा। फिलहाल वीडीए फिर से सूची बनाने में जुटा हुआ है अब देखना है कि यूपी सरकार के नये निर्देश का भी क्या हश्र होता है।
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