मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यहाँ नहीं है शौचालय बनाने की इजाजत

मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यहाँ नहीं है शौचालय बनाने की इजाजत
cantonment area

रक्षा मंत्री के अधिकार वाले क्षेत्र में बसने वाले सात परिवार के 60 सदस्यों के लिए है सिर्फ एक जर्जर शौचालय

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुले में शौच मुक्त भारत अभियान चला रहे हैं। मोदी सके इस सपने को पलीता लगा रहा रक्षा मंत्री मनोहर परिर्कर के अधिकार क्षेत्र वाला छावनी क्षेत्र वाराणसी। छावनी परिषद के जटिल नियमों के चलते आज छावनी में बसने वाले एक दर्जन से अधिक परिवार सिर्फ एक जर्जर शौचालय में जाने को मजबूर हैं।

काशी को क्योटो बनाने का ख्वाब दिखाने वाले मोदी से छावनी क्षेत्र के निवासी सिर्फ शौचालय बनाने की इजाजत की आस लगाये बैठे है वह भी बिना किसी सरकारी अनुदान के। जबकि छावनी प्रशासन यहाँ खुद को असहाय पाता है। वजह जटिल नियम और बंगला एरिया में रहने वाले लोगो का ॥ह्रक्र से विवाद बता कर पल्ला झाड़ लेता है।हालांकि कई बिना विवाद के भी किरायेदार है उनको भी इजाजत नही मिल सकी है।

वाराणसी छावनी में एक दर्जन से ज्यादा परिवार और 60 सदस्यों वाले 7 परिवार की मात्र एक टूटे हुये शौचालयो पर निर्भरता की बेबसी उसमें शामिल ढेरो महिलाओ में एक दिव्यांग भी है । वजह छावनी के जटिल अधिनियम और शौचालय बनाने की इजाजत ना मिलना। छावनी के बंगला नंबर 43 में शेर अली उर्फ़ बाबू,मोहम्मद शमीम उर्फ़ नन्हकू, खलील, श्यामलाल, नाथु राम और बंगला नंबर 16 में रहने वाले गुलाबचन्द राम सीमा देवी(दिव्यांग) गीता कन्नौजिया,अनीता तिवारी,मन्जू साहनी और सदर बाजार के वार्ड नम्बर 6 में मकान संख्या 159/1,2,3,4 में एक ही परिवार के कई सदस्य मकान नम्बर 137 में रजिया बेगम,मुन्नी,हसीना आदि कई नाम है जो इस आस में बैठे है कि कब उन्हें इस समस्या से आजादी मिलेगी।

छावनी के मुख्य अधिशाषी अधिकारी श्रीमती प्रोमिला जायसवाल से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने मिलने और बात करने से इंकार किया। क्कक्रह्र अजय कुशवाहा से सम्पर्क करने पर उन्होंने जूनियर इंजिनियर अजय कुमार खरे से बात करने को कहा उनसे सम्पर्क करने पर उन्होंने भी स्पष्ट कोई जवाब नही दिया अलबत्ता यह जरूर कहा की कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन करता है तो उनके प्रार्थना पत्र को बोर्ड की बैठक में रखकर विचार करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

छावनी परिषद के इस ढुल मुल रवैये से खुले में शौच करने को मजबूर महिलाये और बच्चियो को क्करू से है ढेरों उम्मीद की क्करू के पहल पर रक्षा मंत्रालय नियमो को थोडा लचीला बनाकर शौचालय जैसी मुलभुत बुनियादी सुविधाओं को मुहैया कराने में लोगोँ की मदद कर सकें क्योंकि  क्करू वाराणसी से सांसद है और उस लिहाज़ से छावनी परिषद के कमेटी में वह विशिष्ट सदस्य है।
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