25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मायावती ने दिया शिवपाल यादव को बड़ा मौका, अखिलेश यादव को लगेगा सबसे बड़ा झटका

लोकसभा चुनाव 2019 की साफ हो गयी है स्थिति, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी हुई सक्रिय
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 23 Feb 2019, 12:46 PM IST

mulayam, shivpal, Mayawati and Akhilesh Yadav

mulayam, shivpal, Mayawati and Akhilesh Yadav

वाराणसी. बसपा सुप्रीमो मायावती ने शिवपाल यादव को सबसे बड़ा मौका दे दिया है। प्र्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेता सक्रिय हो गये हैं और अखिलेश यादव को सबसे बड़ा झटका देने की तैयारी में है। जिसका बहुत जल्द खुलासा होने वाला है। सपा को झटका लगता है तो पार्टी कमजोर हो जायेगी।
यह भी पढ़े:-सपना चौधरी 24 फरवरी को इस जिले में लगायेगी ठुमके, पुलिस प्रशासन की उड़ी नींद तो मांगी इतनी फोर्स

अखिलेश यादव व मायावती ने सीटों का बंटवारा कर लिया है। पूर्वांचल की अधिक सीट सपा को मिली है जबकि पश्चिम यूपी की अधिक सीटों पर बसपा संसदीय चुनाव 2019 लडऩे जा रही है। 38 सीटे बसपा के पास है जबकि 37 सीट पर सपा चुनाव लडऩे जा रही है। जिन 38 सीटों को सपा ने बसपा को गठबंधन के तहत दिया है वहां के कुछ सपा नेताओं में नाराजगी हो गयी है। प्रगतिशील पार्टी के नेता इन सपा नेताओं से सम्पर्क साधने में जुट गये हैं ताकि उन्हें अपनी पार्टी में टिकट देकर सपा को झटका दिया जा सके। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि सपा के जिन नेताओं ने लंबे समय तक अपने क्षेत्र में काम किया था और चुनाव लडऩे की बात आयी तो यह सीटे बसपा को मिल जाती है ऐसे नेता बेहद नाराज है वह चुनाव लड़ कर दिखाना चाहते हैं कि उनकी ताकत कमजोर नहीं है। इन नेताओं को शिवपाल यादव टिकट देकर चुनाव में बड़ा उलटफेर कर देंगे।
यह भी पढ़े:-इस मुद्दे पर भाजपा के साथ खड़ी हुई ओमप्रकाश राजभर की पार्टी, योगी की तारीफ तो विपक्ष पर बोला हमला

जानिए कैसे मिला शिवपाल को मौका, अखिलेश यादव को लगेगा सबसे बड़ा झटका
मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव का यूपी की राजनीति में अपना प्रभाव है। शिवपाल यादव की बात की जाये तो पूर्वी यूपी से अधिक पश्चिम यूपी में उनकी ताकत दिखती है। यह बात शिवपाल भी जानते हैं इसलिए पूर्वी यूपी में अपनी पार्टी को खड़ा करने के लिए अधिक मेहनत कर रहे हैं। अखिलेश यादव व मायावती के गठबंधन में पश्चिम की अधिक सीट बसपा को मिली है जबकि पूर्वी यूपी की अधिक सीटे सपा के पास आयी है। सीटों के इसी बंटवारे से शिवपाल यादव को बड़ा मौका मिल गया है। पश्चिम यूपी में सपा व बसपा गठबंधन से नाराज कार्यकर्ता व नेताओं को साधने में शिवपाल यादव जुट गये हैं। सपा को सबसे अधिक समर्थन यादव समाज का मिलता है। यादव वर्ग के जो नेता सपा व बसपा गठबंधन या सपा की सीट बसपा में जाने से नाराज है वह शिवपाल यादव के साथ आ सकते हैं यदि ऐसा हुआ तो अखिलेश यादव को सबसे बड़ा झटका लगना तय है। सपा के कैडर वोटों में बंटवार हो जाने से शिवपाल यादव की ताकत बढ़ जायेगी। लोकसभा से अधिक यूपी में २०२२ में होने वाले विधानसभा चुनाव में शिवपाल यादव को इसका अधिक फायदा मिलेगा।
यह भी पढ़े:-अखिलेश यादव ने लिया राज्यसभा चुनाव का बदला, मायावती के सियासी चक्रव्यूह में फंस गये राजा भैया!

पूर्वांचल में इन सीटों पर थी बसपा दूसरे स्थान पर, अब सपा लड़ेगी चुनाव
बसपा ने पश्चिम यूपी की सीटों को ज्यादा पसंद किया है जबकि पूर्वांचल की कई सीटों पर बसपा 2014 में द्वितीय स्थान पर थी लेकिन अब इन सीटों पर सपा चुनाव लडऩे वाली है। पूर्वांचल की मिर्जापुर, चंदौली, महाराजगंज, राबट्र्सगंज सीट पर बसपा दूसरे स्थान पर थी इन सीटों पर अब सपा प्रत्याशी उतारेगी। इसके अतिरिक्त सपा को पश्चिम यूपी की हाथरस, बांदा, खीरी, हरदोई सीट भी दी गयी है। सपा के लिए सबसे अधिक परेशानी का सबब पश्चिम यूपी की सीट हो सकती है जहां पर शिवपाल यादव के पास पहले से अपना जनाधार है और वह सपा नेताओं को जोड़ कर कहानी बदलने में लगे हुए हैं।
यह भी पढ़े:-कांग्रेस देगी बीजेपी को तगड़ा झटका, प्रियंका गांधी से इस दिग्गज नेता ने की भेंट

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग