चंदापुर की किशोरियां ने सीखा 'अपना पैड' बनाना

चंदापुर:किशोरियों को सूती कपड़ों से बने ईको-फ्रेंडली सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया
-आराजीलाइन ब्लॉक के चंदापुर के आशा सिलाई केंद्र में किशोरियों को दिया गया प्रशिक्षण
-बनारस की मुहीम संस्था की पहल

वाराणसी. बनारस की मुहीम संस्था के पीरियड मंत्रा कार्यक्रम के तहत किशोरियों के आर्थिक स्वावलंबन और प्रकृति के सतत विकास को ध्यान में रखकर उन्हें सूती कपड़ों से बने सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण की शुरुआत में संस्था की अध्यक्ष स्वाती सिंह ने किशोरियों को माहवारी प्रबंधन के लिए उपयोग किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय उत्पादों के बारे में जानकारी दी। साथ ही, किशोरियों के साथ प्लास्टिक सेनेटरी पैड में इस्तेमाल से होने वाले नुकसान की जानकारी दी।

 

बता दें कि बीते तीन साल से लगातार मुहीम संस्था नागेपुर की संस्था लोक समिति के माध्यम से आराजीलाइन ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी जागरूकता और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन की दिशा में काम कर रही है। अब कार्यक्रम के दूसरे चरण में किशोरियों को ईको फ्रेंडली सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

माहवारी में होने वाली दिक्कतों और उनसे बचाव का रास्ता बतातीं स्वाती सिंह

कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए मुहीम संस्था के सचिव रामकिंकर ने बताया कि आराजीलाइन ब्लॉक के भीखमपुर, असवारी, बेनीपुर, भटपुरवा, वीरभानपुर, लालपुर और नागेपुर जैसे कई गांव में आगामी समय में किशोरियों को ईको फ्रेंडली सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में भारत के संस्कृति मंत्रालय की तरफ से भी माहवारी के मुद्दे पर मुहीम के इन प्रयास की सराहना की गई है। इसके तहत संस्था न केवल महिलाओं और किशोरियों को जागरूक व व्यवहार परिवर्तन की दिशा में बल्कि उनके आर्थिक स्वालंबन और सतत विकास की ओर भी योगदान दे रही है।

चंदापुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में 20 से अधिक किशोरियों ने हिस्सा लिया, जिसमें मैनम, नीतू, पूजा, वंदना, उमहानी, मनीषा, चंदा, लीलावती, लक्ष्मीना और सोनी शामिल रही।

माहवारी में होने वाली दिक्कतों और उनसे बचाव का रास्ता बतातीं स्वाती सिंह
Ajay Chaturvedi
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