बस्सी @ पत्रिका. विद्युत निगम ने शहर में जगह – जगह बिजली सप्लाई के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर तो रख दिए है, लेकिन इनके नीचे व आसपास सुरक्षा के कोई बंदोबस्त नहीं कर रखे हैं, इससे इनके नीचे व आसपास हर पल खतरमण्डराता रहता है। जबकि शहर में हर गली- मोहल्ले में ट्रांसफॉर्मर नजर आ जाएगा, लेकिन इन ट्रांसफर्मरों के नीचे व अगल- बगल में लोहे का जाळ नहीं लगा रखा है। इससे आए दिन मवेशी एवं आवारा पशुओं को करंट लगने से मौत के मुंह में समाना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार बस्सी शहर में कॉलोनियों मेें बिजली की सप्लाई देने के लिए जगह – जगह पावर ट्रांसफार्मर लगा कर यहां से एलटी लाइनें निकाल कर कॉलोनियों एवं बाजारों में बिजली की सप्लाई की जा रही है।
दो – तीन फीट नीचे ही लटके रहते हैं नंगे तार…
शहर में जगह – जगह लगे ट्रांसफॉर्मरों के नीचे तारों का जाल बिछा हुआ है, जिसमें अधिकांश नंगे तार ही लटके रहते हैं, जिनमें करंट प्रवाहित होता रहता है। विचरण करते हुए मवेशी एवं आवारा पशु कई बार करंट लगने से झुलस जाते हैं। इनमें कई बार आवारा पशु भी करंट का शिकार हो जाते हैं।
आबादी में रहता है खतरा…
बस्सी शहर में घनी आबादी है। यहां पर हर गली – मोहल्ले व बाजारों में पावर ट्रांसफॉर्मर रखे रहते हैं, जिनमें कई बार र्स्पाकिंग से आग लग जाती है तो घनी आबादी में आगजनी का भी खतरा बना रहता है। यदि डिस्कॉम इन ट्रांसफॉर्मरों नीचे चारों ओर जाळ लगा दिया जाए तो खतरे से निजात मिल सकती है। (कासं )