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बस्सी

नए साल के पहले दिन मिला किसानों को मावठ का तोहफा, सर्दी ने दिखाए तेवर

जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ उपखण्ड इलाकों में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदलने से दिनभर आकाश में बादल छाए रहे और अधिकांश जगह मावठ हुई।

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– रबी की फसलों को मिला अमृत

बस्सी @ पत्रिका. जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू और जमवारामगढ़ उपखण्ड इलाकों में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदलने से दिनभर आकाश में बादल छाए रहे और अधिकांश जगह मावठ हुई। मावठ ने रबी की फसलों में अमृत का काम किया । बारिश से चना, सरसों, गेहूं और जौ की फसलों को फायदा हुआ है। जयपुर ग्रामीण इलाके में इस सीजन की यह पहली मावठ है। मावठ के साथ-साथ सर्दी का असर भी बढ़ गया है। बस्सी इलाके में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तो अधिकतम तापमान 20 डिग्री पर आ टिका। तापमान में गिरावट से सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

इलाके में गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जिससे मौसम सर्द हो गया। आसमान में बादल छाने से दिन के वक्त भी सूरज की तेज धूप का असर नहीं हुआ, इससे सर्दी बढ़ गई। हालांकि, बारिश की यह स्थिति किसानों के लिए राहतकारी रही है, क्योंकि इससे फसलें सही तरीके से बढ़ने की संभावना है।

सूख रही थी चना – सरसों:::: खरीफ की फसलों की कटाई के वक्त अच्छी बरसात होने से खेतों में नमी अच्छी होने से उन किसानों ने अपने बिना पानी वाले या कम पानी वाले इलाकों में चना व सरसों की फसलों की बुवाई कर दी थी। आस थी कि दिसम्बर के महीने में मावठ होजाएगी, लेकन दिसम्बर में कोई मावठ नहीं हुई। अब नए साल के पहले दिन मावठ का तोहफा मिला।

बांसखोह में अधिक मावठ::::

बस्सी के बांसखोह इलाके में मावठ सबसे अधिक हुई है। यहां के किसानों का मानना है कि बारिश के कारण फसलों की नमी को बढ़ावा मिलेगा और इस सीजन की पैदावार बेहतर होगी। बांसखोह के किसानों ने मावठ को अपने लिए शुभ संकेत माना है और अब वे आगामी फसल में अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे हैं। (कासं )