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नेपाल में देखा उपद्रव, जयपुर जिले के तीर्थयात्रियों की कांपी रूह

तीर्थयात्रियों का जत्था नेपाल में पशुपति नाथ मंदिर व बागमती में सीतामाता मंदिर में दर्शन करने जाता हुआ। बस्सी. जयपुर जिले के बस्सी उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से धार्मिक यात्रा पर निकले करीब 100 तीर्थयात्रियों का जत्था नेपाल में उपजे उपद्रव और कर्फ्यू के बीच फंस गया। नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर और जनकपुर स्थित […]

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तीर्थयात्रियों का जत्था नेपाल में पशुपति नाथ मंदिर व बागमती में सीतामाता मंदिर में दर्शन करने जाता हुआ।

बस्सी. जयपुर जिले के बस्सी उपखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से धार्मिक यात्रा पर निकले करीब 100 तीर्थयात्रियों का जत्था नेपाल में उपजे उपद्रव और कर्फ्यू के बीच फंस गया। नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर और जनकपुर स्थित सीतामाता मंदिर के दर्शन कर चुके श्रद्धालु 9 सितम्बर को बागमती जिले में कर्फ्यू लगने से वहीं रुक गए। उन्होंने अपनी आंखों से आगजनी, तोड़फोड़ और उपद्रव देखा तो उनका कलेजा कांप उठा। तीर्थयात्रियों ने पूरा दिन मंदिर में बंद रहकर गुजारा और फिर यात्रा अधूरी छोड़ते हुए बुधवार को बिहार की ओर निकल गए।

दो बसों से गए थे नेपाल

बस मालिक हनुमान सहाय शर्मा ने बताया कि बस्सी, तूंगा, मानसरखेड़ी, पड़ासोली, मोहनपुरा, टहटड़ा, लालगढ़ और बूजमानोता सहित कई गांवों के 100 से अधिक तीर्थयात्री दो बसों से नेपाल के धार्मिक स्थलों की ओर रवाना हुए थे। उनका चार दिन का कार्यक्रम था, जिसमें काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर और जनकपुर के सीतामाता मंदिर समेत पांच-छह प्रमुख स्थलों के दर्शन शामिल थे।

नेपाल में फंसे तितरिया के श्रद्धालु अब सुरक्षित

उपद्रव के दृश्य जीवनभर रहेंगे याद

खेड़ी निवासी शीतल प्रसाद शर्मा, शिवचरण बैनाड़ा, रामावतार पड़ासोली, मदनलाल साइवाड़, रामावतार शर्मा व सुरेश शर्मा बूज और अन्य तीर्थयात्रियों ने बताया कि 9 सितम्बर को अचानक कर्फ्यू लग गया। पुलिस ने उन्हें एक मंदिर में ठहराकर दरवाजे बंद कर दिए और बसों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवा दिया। बाहर हजारों युवकों की भीड़ सरकारी दफ्तरों में तोड़फोड़, पथराव और आगजनी कर रही थी। भय से भरी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गई। श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिरों के दर्शन का सुख तो मिला, लेकिन उपद्रव के दृश्य जीवनभर याद रहेंगे।

उपद्रवियों से आमजन सुरक्षित

तीर्थयात्रियों ने बताया कि उपद्रवी आम लोगों को परेशान नहीं कर रहे थे, लेकिन सरकारी संपत्तियों को लगातार निशाना बना रहे थे। धुएं की लपटें, पथराव और हुल्लड़ की आवाजें उन्हें भयभीत कर रही थीं। मंदिर में फंसे श्रद्धालु लगातार प्रार्थना कर रहे थे कि किसी तरह सुरक्षित घर लौट सकें।

दो धार्मिक स्थलों के ही किए दर्शन

नेपाल यात्रा 7 से 10 सितम्बर तक निर्धारित थी। तीर्थयात्री 7 सितम्बर को नेपाल पहुंचे और दो धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सके। लेकिन 9 सितम्बर को पूरे देश में फैले उपद्रव और कर्फ्यू ने उनकी यात्रा अधूरी छोड़ दी। हालात सामान्य न होते देख जत्था बुधवार को बिहार की ओर रवाना हो गया।

सुरक्षा के लिहाज से नेपाल में अधूरी छोड़ी यात्रा, बस से बिहार की ओर निकले

भारतीय दूतावास की तत्परता से मिली राहत

शिवदासपुरा. ग्राम तितरिया से गत दिनों तीनधाम यात्रा पर निकले करीब 15 श्रद्धालुओं का जत्था नेपाल में बिगड़े हालात के चलते काठमांडू एयरपोर्ट पर फंस गए। पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के बाद जैसे ही वे भारत लौटने पहुंचे, अचानक स्थिति अस्थिर हो गई और सुरक्षा कारणों से फ्लाइट सेवाएं बाधित हो गई। इससे श्रद्धालु एयरपोर्ट पर ही पूरी रात रुके रहे। संपर्क न होने से परिजन रहे चिंतित

तितरिया निवासी रामनिवास चोपड़ा ने बताया कि उनके परिजनों से बीते दिनभर में कोई संपर्क नहीं हो पाया। न तो फोन लग रहा था और न ही इंटरनेट चल रहा था, जिससे घर में बेचैनी और चिंता का माहौल बना रहा।

गांव में खुशी का माहौल: श्रद्धालुओं की सकुशल स्थिति की खबर मिलते ही तितरिया गांव में राहत और खुशी का माहौल छा गया। ग्रामीणों ने भारतीय दूतावास की तत्परता की सराहना करते हुए सरकार से तीर्थयात्रियों की शीघ्र वापसी की उम्मीद जताई।

दूतावास ने संभाली कमान

बुधवार शाम को जब संपर्क संभव हुआ तो परिजनों ने राहत की सांस ली। भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने एयरपोर्ट से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर एक होटल में ठहराया, जहां भोजन और आराम की सुविधा दी गई। साथ ही विशेष फ्लाइट से भारत वापसी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।