
Patrika She News: आदिवासी क्षेत्र की एक दर्जन महिलाओं ने एक मिसाल कायम की है। चूल्हा-चौका, जंगल से लकड़ी चुनना, बच्चे संभालने वाली महिलाएं आज न सिर्फ सेनेटरी पैड यूनिट का बेहतरीन संचालन कर रही हैं, बल्कि उन्होंने आय का बेहतर स्रोत भी तैयार कर लिया है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ ब्लॉक में आदिवासी बाहुल्य गांव खम्हरिया की पहचान अब जिले के पहले सेनेटरी पैड उत्पादक गांव के रूप में हो रही है। 12 महिलाओं के इस समूह में उर्मिला यादव भी हैं, जिनके हाथ में अंगुलियां नहीं हैं, लेकिन वह तैयार सेनेटरी पैड्स को दक्षता से स्टरलाइज करती हैं।
इनसे मिली मदद
महिला समूह की सचिव रमशीला यादव ने बताया कि इस यूनिट को लगाने में रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह और जिला पंचायत की नोडल अधिकारी मोनिका ईजारदार का सहयोग मिला। फंड की व्यवस्था, ट्रेनिंग पावना अभियान के तहत मिली।
Published on:
20 Sept 2021 02:54 pm

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