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Israel-Palestine War: गाज़ा में असली युद्ध महिलाओं से! झकझोर कर रख देगी औरतों के हालात बताती UN की ये रिपोर्ट

locationनई दिल्लीPublished: Mar 02, 2024 12:38:57 pm

Submitted by:

Jyoti Sharma

लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र की इकाई UN Woman ने कहा है कि गाज़ा के हालातों पर किए गए विश्लेषण में सामने आया है कि यहां अब तक करीब 9000 महिलाओं को बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है।

UN report on the situation of women in Gaza
UN report on the situation of women in Gaza
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच (Israel-Palestine War) गाज़ा में चल रहे इस युद्ध के विराम के लिए कई देशों ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत (ICJ) में पैरवी (Israel-Hamas Ceasefire case in ICJ) की है। लेकिन अब तक इसका कुछ हल नहीं निकला है। ऐसे में यहां रोज सैकड़ों-हजारों लोग मर रहे हैं। किसी की जान भूख-प्यास (Famine In Gaza) से जा रही है। जिसमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इन सबके बीच लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की इकाई UN Woman ने दावा किया है कि गाज़ा में हो रहा युद्ध एक तरह महिलाओं के लिए युद्ध है।
दिग्गज माइक्रो ब्लॉगिंग साइट X (पहले ट्विटर) पर UN Woman ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए लिखा है कि "आशंका जताई जा रही है कि गाज़ा में अब तक कम से कम 9,000 महिलाएं मारी जा चुकी हैं। महिलाएं इस भीषण युद्ध के विनाशकारी प्रभाव को झेलती रहती हैं। इसलिए हम तत्काल मानवीय युद्धविराम के लिए अपना आह्वान दोहराते हैं।"
कचरे से खाना ढूंढने को मजबूर महिलाएं

UN Woman का कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक गाजा (Gaza) में अब तक इजरायली सेना ने अनुमानित तौर पर 9,000 महिलाओं की हत्या (Women Dead in Gaza) कर दी है। ये संख्या तो कम है, क्योंकि अभी तो इमारतों के मलबे में ना जाने कितनी और महिलाएं दबी होंगी, कितनी तो लापता हो गई होंगी। संयुक्त राष्ट्र की इस इकाई की इस रिपोर्ट में वो 7 कारण भी बताए गए हैं, जिसके आधार पर उन्होंने ये दावा किया है।
1- गाज़ा में हर दिन युद्ध जारी है, मौजूदा दर से हर दिन औसतन 63 महिलाएं मारी जाती होंगी। एक अनुमान के मुताबिक गाज़ा में हर दिन 37 मांओं की हत्या कर दी जाती है, जिससे उनके परिवार तबाह हो जाते हैं और उनके बच्चों की सुरक्षा कम हो जाती है।
2- लगभग 84 प्रतिशत महिलाएं यानी 5 में से 4 से महिलाएँ बताती हैं कि उनका परिवार अब बहुत कम भोजन करते हैं, जो कि युद्ध शुरू होने से पहले ज्यादा मात्रा में था। महिलाओं का कहना है कि परिवार के लिए भोजन का जुगाड़ करना उनके ही जिम्मे होता है, इसलिए वो इजरायली सैनिकों से बचते-बचाते भोजन का इंतजाम कर पाती हैं, जो पूरे परिवार के लिए नहीं हो पाता, इसलिए परिवार का हर सदस्य थोड़ा-थोड़ा भोजन खाता है।
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3- 5 में से 4 महिलाओं ने ये बताया है कि उनके परिवार के कम से कम एक सदस्य ने बीते हफ्ते में भोजन छोड़ा है। ये उनकी मर्ज़ी नहीं बल्कि उनकी मजबूरी है, भोजन ना होने के चलते। इनमें से भी 95 प्रतिशत मामलों में घर की महिलाएं कई दिनों तक कुछ भी नहीं खातीं, क्योंकि वो उनका लाया गया भोजन अपने बच्चों को खिला देती हैं। ताकि बच्चे कम से कम एक वक्त का खाना तो ढंग से खा पाएं।
4- गाजा की 2.3 मिलियन की आबादी को कुछ ही हफ्तों में खाद्य असुरक्षा के गंभीर स्तर का सामना करना पड़ेगा, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। गाज़ा अब भुखमरी की कगार पर आ चुका है, जो कि एक बहुत ही गंभीर और हृदय विदारक स्थिति है।
5- 87 प्रतिशत यानी लगभग 10 में से 9 महिलाएं पुरुषों की तुलना में भोजन का बंदोबस्त करने में बहुत परेशानी झेलती हैं।

6- भोजन का इंतजाम करने के लिए कई महिलाएं अब उस स्थिति का सामना कर रही हैं, जो मानव सभ्यता अब कलंक बन रहा है। क्योंकि ये महिलाएं अब कूड़ेदान, मलबे के नीचे कचरे में से कुछ भोजन ढूंढने की जद्दोजहद करती दिखाई देती हैं।
7- गाजा में सर्वेक्षण किए गए 12 महिला संगठनों में से 10 ने बताया कि वे आंशिक रूप से संचालित हैं और जरूरी आपातकालीन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद, उनकी अपील के जरिए जुटाई गई धनराशि का 1 प्रतिशत से भी कम राष्ट्रीय या स्थानीय महिला अधिकार संगठनों को गया है।
मासिक धर्म को रोकने के लिए लेती हैं दवाएं

बता दें कि अक्टूबर महीने में भी एक रिपोर्ट जारी हुई थी जिसमें बताया गया था कि युद्ध पीड़ित महिलाएं अपने मासिक धर्म (Menstrual cycle) को रोकने के लिए दवाओं का लगातार इस्तेमाल कर रही हैं। इसकी वजह में उन्होंने बताया कि इस विभत्सता के बीच ना उन्हें कहीं सिर ढकने के लिए जगह मिल रही है ना साफ पानी मिल रहा है, ऐसे में मासिक धर्म के दौरान हम कैसे खुद को गुप्त रखें और कैसे खुद को साफ रखें। क्योंकि हमें ना तो सैनेटरी पैड मिल पा रहे हैं और ना ही कुछ और। इसलिए हम ये करने को मजबूर हैं।
इस रिपोर्ट को जारी करते हुए UN Woman ने कहा है कि गाज़ा की महिलाओं और उनके परिवारों और समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए और ये सुनिश्चित करने के लिए कि यहां की महिलाओं की आवाज़ अनसुनी न हो जाए इसलिए ऐसेसंगठनों को फंडिंग देना बेहद अहम हो जाता है।

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