
amit shah
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे पर केरल पहुंच गए हैं। शाह मिशन 2019 को देखते हुए लगभग 100 दिनों के राष्ट्रव्यापी दौरे पर निकलें हैं। जहां वह त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के बाद शुक्रवार को केरल पहुंचे। वहीं इस दौरे का मकसद 2019 में होने वाले चुनावों में पार्टी के लिए जमीन तैयार कर जीत दिलाना है।
वहीं बीजेपी अध्यक्ष शाह के दौरे को विपक्ष ने मौजूदा सरकार को परेशान करना और वोटों का ध्रुवीकरण करने का आरोप लगया है। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अमित शाह राष्ट्रीय एकीकरण, बीफ मुद्दा और जम्मू-कश्मीर के हालातों पर केवल वह राजनीति करना चाहते हैं। साथ ही कहा कि वह इसके जरिए स्थिति को भुनाना और वोटों का धु्वीकरण करने की कोशिश में हैं। खड़गे ने आरोप लगाते हुए कहा कि जबकि केरल की स्थिति अच्छी है तो इस समय वह यहां केवल राजनीति कर सरकार को परेशान करने आ रहे हैं।
वहीं पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह का दो दिवसीय केरल दौरा का मुख्य कारण कि यहां के लोगों को संकेत दिया जाए कि प्रदेश में बीजेपी एक बड़ी पार्टी के रुप में सामने आ रही है। जिससे कि यहां के वोटरों में पार्टी के साथ-साथ उनके नेताओं की पहचान कायम हो सके। साथ ही कहा कि पार्टी राज्य के लोगों को इस बात से अवगत कराएगी कि यहां लेफ्ट और कांग्रेस एक हो रही है, ऐसे में बीजेपी ही मुख्य विपक्षी पार्टी है।
गौरतलब है कि केरल में बीजेपी का हाल ठीक नहीं है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के केवल एक ही सीट मिला था। ऐसे में पार्टी के लिए जमीन तलाशने और वोटरों को एकजुट करने के लिए अमित शाह यहां दौरा पर पहुंचे हैं। लेकिन बावजूद इसके उन्हें राज्य में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए पशुओं के बैन मामले पर कड़ा विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है।
Published on:
02 Jun 2017 06:02 pm
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