
violence in saharanpur
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती के तनावग्रस्त शब्बीरपुर गांव से निकलते ही दलितों पर हुए हमले की वजह से स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गई है। दलितों और जाति विशेष के बीच हुए हिंसक झड़प में 6 से अधिक लोग घायल हो गए हैं तो वहीं इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। अपर पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं हमले में गंभीर रूप से घायल दो युवकों को जिला अस्पताल रैफर किया गया।
तनाव को लेकर पूरे जिले में पुलिस हाईअलर्ट पर है। इस घटना के बाद सहारनपुर नगर और बीते 9 मई को हिंसाग्रस्त इलाके की सडकों पर सन्नाटा पसर गया है। 9 मई को यहां जबर्दस्त आगजनी और पथराव हुआ था। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक को तलब किया है।
लखनऊ के लोकभवन में मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होते ही सीएम योगी ने पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को बुलाकर घटना की पूरी जानकारी ली। सीएम ने सिंह को हर हाल में स्थिति नियंत्रित करने के आदेश दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी ने पुलिस महानिदेशक सिंह से घटना के बारे में जानकारी लेते हुए इसके खिलाफ जिम्मेदार लोगों पर जल्द ही सख्त कार्यवाई का आदेश दिया। साथ ही कहा कि इस तरह का बवाल बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
सहारनपुर पुलिस के मुताबिक बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यक्रम से लौटते हुए दलितों पर थाना बडग़ांव के गांव चांदपुर में धारदार हथियार और तमंचों से हमला किया गया, जिसमें 6 से लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों को पहले नानौता सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जहां से गंभीर रूप से घायल प्रमोद कुमार, निवासी सरसावा और इंदर पाल निवासी शब्बीरपुर को जिला अस्पताल रैफर किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे मौके पर पहुंच गए। पूरे जिले में हाई अलर्ट कर दिया गया और पुलिस चौकसी और गश्त बढ़ा दी गई। इससे पहले मायावती ने शब्बीरपुर गांव पहुंच कर दलितों के जले हुए घर देखें। जिपर उन्होंने इस पर गहरा दुख जताया था।
इस घटना के लिए मायावती ने प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा मायावती ने बीजेपी पर भी नफरत की सियासत करने का आरोप लगाया। उधर विरोधी दलों ने तनावपूर्ण स्थिति में बसपा अध्यक्ष को शब्बीरपुर जाने की अनुमति दिए जाने पर सवाल खड़ा किया है। पिछले एक हफ्ते से जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में राजपूत और दलित समुदाय खुलेआम और चोरी-छुपे एक-दूसरे के खिलाफ बातें कर रहे हैं।
Published on:
23 May 2017 10:00 pm

