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Patrika Video news.... अहमदाबाद :सिविल अस्पताल में ब्लैडर स्ट्रोफी की समस्या वाले देश विदेश के 160 मरीज पहुंचे

locationअहमदाबादPublished: Jan 22, 2024 10:21:16 pm

Submitted by:

Omprakash Sharma

एशिया के सबसे बड़े अहमदाबाद सिविल अस्पताल में सोमवार से आयोजित ब्लैडर स्ट्रोफी वर्कशॉप (कार्यशाला) में भारत समेत 15 देशों के चिकित्सक पहुंचे हैं। बच्चों में पाई जाने वाली जन्मजात ब्लैडर स्ट्रोफी की समस्या के उपचार के गुर सीखने और सिखाने के लिए अस्पताल में देश-विदेश के बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया।

 

 

Patrika Video news.... अहमदाबाद :सिविल अस्पताल में ब्लैडर स्ट्रोफी की समस्या वाले देश विदेश के 160 मरीज पहुंचे
Patrika Video news.... अहमदाबाद :सिविल अस्पताल में ब्लैडर स्ट्रोफी की समस्या वाले देश विदेश के 160 मरीज पहुंचे
एशिया के सबसे बड़े अहमदाबाद सिविल अस्पताल में सोमवार से आयोजित ब्लैडर स्ट्रोफी वर्कशॉप (कार्यशाला) में भारत समेत 15 देशों के चिकित्सक पहुंचे हैं। बच्चों में पाई जाने वाली जन्मजात ब्लैडर स्ट्रोफी की समस्या के उपचार के गुर सीखने और सिखाने के लिए अस्पताल में देश-विदेश के बड़ी संख्या में चिकित्सकों ने भाग लिया।
सिविल कैंपस के 1200 बेड अस्पताल में इन दिनों यह आयोजन हो रहा है, जिसमें उपचार के लिए पांच देशों के मरीज भाग ले रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिविल अस्पताल में इंडो-अमेरिकन ब्लैडर स्ट्रोफी वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का यह 16वां वर्ष है, इसमें अमेरिका, कतर, इजराइल, कनाडा, फिलीपींस, कोलंबिया, लेबनान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, अर्जेंटीना, घाना, एस्टोनिया, केन्या, इथियोपिया और भारत के चिकित्सक शामिल हुए हैं। जबकि नेपाल, बांग्लादेश, केन्या के मरीजों के अलावा भारत के 15 राज्यों के बच्चे भी उपचार के लिए पहुंचे हैं।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं पीडियाट्रिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि बच्चों में जन्म से पाए जाने वाले मूत्र संबंधित (ब्लैडर स्ट्रोफी) गंभीर समस्या के उपचार के लिए इस वर्कशॉप का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। इस समस्या वाले एक बच्चे की सर्जरी करने में पांच से सात घंटे का समय लगता है। सर्जरी कराने के उद्देश्य से 160 बच्चे वर्कशॉप में हैं। इनमें से जिन बच्चों को गंभीर समस्या है उनकी सर्जरी वर्कशॉप में की जाएगी। देश विदेश से आए अन्य चिकित्सक भी इस सर्जरी को सीख सकेंगे। देश विदेश के चिकित्सक अनुभवों का आदान प्रदान भी करेंगे। ये सभी सर्जरी यहां निशुल्क की जाती हैं। आम तौर पर एक ऑपरेशन का खर्च लाखों रुपए होता है।

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