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Ahmedabad: भगवान जगन्नाथ की 148 वीं रथयात्रा: राजस्थानी रजवाड़ी थीम पर तैयार होगा मामेरा

मामेरा के यजमान के गांव में भी होगा चार दिवसीय उत्सव, 27 जून को निकलेगी रथयात्रा

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Trivedi family

अहमदाबाद शहर में 27 जून को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की 148वीं रथयात्रा में इस बार राजस्थानी रजवाड़ी थीम पर मामेरा तैयार किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को ननिहाल पक्ष की ओर से चढ़ाए जाने वाले वस्त्र, आभूषण व अन्य वस्तुएं राजस्थानी रजवाड़ी थीम पर बनाई जाएंगी।ओडिशा की जगन्नाथ पुरी के बाद देश में दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा अहमदाबाद में निकलती है। हर वर्ष जमालपुर जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली रथयात्रा के लिए सरसपुर स्थित ननिहाल से मामेरा के यजमान तय होते ही तैयारी शुरू होती है। इस वर्ष रथयात्रा के मामेरा के यजमान के रूप में वासणा गाम निवासी जागृति त्रिवेदी का नाम खुला है। जागृति ने कहा कि उन्हें बीते आठ वर्ष से इस घड़ी का इंतजार था। मामेरा के यजमान बनने से पूरे परिवार में खुशी है। वे इसेबड़े उत्सव के रूप में मनाएंगे। वासणा में इस उपलक्ष्य में चार दिन तक उत्सव का माहौल रहेगा। भगवान का भानेज के रूप भव्य अतिथि सत्कार होगा। जिस तरह से विवाह में भात (मामेरा) भरने की रस्म होती है, उसी तरह वे रस्म निभाएंगे।

त्रिवेदी परिवार की बहन-बेटियां तैयार करेंगी वस्त्र, आभूषण

जागृति के पति मनीष त्रिवेदी ने बताया कि परिवार की बहन-बेटियां भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के आभूषण रविवार से तैयार करने लग जाएंगी। मोरपंख के कलर में डिजाइन और गोल्डन मोर की प्रिंट के वस्त्र (वाघा) तैयार करने का निर्णय किया गया है।

राजस्थान से तैयार कराएंगे वस्त्र

उन्होंने कहा कि राजस्थानी रजवाड़ी थीम के वस्त्र राजस्थान में ही तैयार कराने की योजना है। एम्ब्रॉयडरी, कढ़ाई, गोटापट्टी भी किए जाएंगे। भगवान के बाजूबंद, हार, मुकुट और बहन सुभद्रा को पार्वती श्रृंगार के साथ अनेक वस्तुएं भेंट की जाएंगी। यह मामेरा सबसे अलग और श्रेष्ठ होगा।

यह है मामेरा की रस्म

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निज मंदिर से निकलने के बाद जब ननिहाल (सरसपुर) स्थित भगवान रणछोड़राय मंदिर पहुंचती है, तो उस दौरान मामेरा की रस्म की जाती है। ननिहाल पक्ष की ओर से उपहार भेंट किए जाते हैं।

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