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मुख्यमंत्री पटेल ने बनास डेयरी के सीमेन सेंटर का किया वर्चुअल लोकार्पण

अब 90 प्रतिशत मादा पशुओं का होगा जन्म गांधीनगर. पालनपुर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बनासकांठा जिले की डीसा तहसील के दामा गांव में बनास डेयरी के प्रयासों से स्थापित किए गए आधुनिक सीमेन प्रोडक्शन सेंटर का गुरुवार को वर्चुअल लोकार्पण किया।पशुपालकों के लिए उच्च वंशावली वाले तथा अधिक दूध देने वाले पशु पैदा करने के […]

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अब 90 प्रतिशत मादा पशुओं का होगा जन्म

गांधीनगर. पालनपुर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बनासकांठा जिले की डीसा तहसील के दामा गांव में बनास डेयरी के प्रयासों से स्थापित किए गए आधुनिक सीमेन प्रोडक्शन सेंटर का गुरुवार को वर्चुअल लोकार्पण किया।
पशुपालकों के लिए उच्च वंशावली वाले तथा अधिक दूध देने वाले पशु पैदा करने के उद्देश्य से इस मेक इन इंडिया सीमेन सेक्स सॉर्टिंग मशीन से बनासकांठा जिले में आवारा पशुओं की समस्या का निवारण होगा तथा अधिक दूध देने वाले पशु प्राप्त होंगे। इस सेंटर के सीमेन डोज से अब 90 प्रतिशत मादा पशुओं का जन्म होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में अन्नदाता का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। आज डीसा के दामा में जो सीमेन सेंटर कार्यरत हो रहा है, उसके कारण पशुपालकों को बहुत बड़ा लाभ होगा। आज गुजरात के दूध उत्पादन में 119.62 लाख मैट्रिक टन की वृद्धि हुई है।
विधानसभा अध्यक्ष सह बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर चौधरी ने कहा कि भारत निर्मित सर्वप्रथम सीमेन सेंटर कार्यरत हो रहा है। किसानों के लिए यह क्रांतिकारी कार्य है। भारत के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की ओर से बनाए गए मेक इन इंडिया के इस संयंत्र के लिए मैं एनडीडीबी के वैज्ञानिकों की सराहना करता हूं।
उन्होंने कहा कि आज इस संयंत्र के कारण किसानों को केवल 100 रुपए में सीमेन डोज उपलब्ध होगा। बनासकांठा जिले में 28 लाख से अधिक पशुधन है, जिनका संवर्धन जरूरी है। आज हमने गाय-भैंस में अच्छी नस्ल के सीमेन तैयार किए हैं, जिसके कारण अच्छी नस्ल के पशु तैयार होंगे और दूध की आवक बढ़ेगी।
बनास डेयरी संचालित दामा सीमेन प्रोडक्शन यूनिट 20 एकड़ में फैला हुआ है। इस ए ग्रेड के सीमेन स्टेशन में जीनॉमिक्स ब्रीडिंग वैल्यू, प्रति पशु दूध उत्पादन प्रतिस्पर्धा योजना, प्रोजेनी टेस्टिंग, पेडिग्री सिलेक्शन जैसी वैज्ञानिक पद्धतियों का अमल कर श्रेष्ठ रोगमुक्त सांड़ों एवं पाड़ों का चयन किया गया है, जिसके जरिए वार्षिक लगभग 25 लाख गुणवत्तायुक्त सीमेन डोज का उत्पादन होगा।

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