
फर्जी प्रमाण-पत्र पेश कर जिला बदलने की मांग करने वाले शिक्षकों की जांच करेगी सीआईडी क्राइम
अहमदाबाद. गंभीर बीमारियों से संबंधित फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्र पेश करके एक जिले से दूसरे जिले में अपना स्थानांतरण कराने की मांग करने वाले चिकित्सकों को लेकर सरकार गंभीर हुई है। राज्य सरकार ने ऐसे चिकित्सकों की ओर से पेश किए गए फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्रों की जांच सीआईडी क्राइम से कराने का निर्णय किया है। राज्य में ऐसे 17 शिक्षक हैं, जिन्होंने इस प्रकार के फर्जी प्रमाण-पत्र पेश करके जिला स्थानांतरण का आवेदन किया है। प्रथम दृष्टया उनके फर्जी पाए जाने पर संबंधित ८ जिलों में उनके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज कराए गए हैं।
गृहराज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाड़ेजा ने बताया कि शिक्षामंत्री भूपेन्द्र सिंह चुड़ास्मा की ओर से इस मामले को अति गंभीर माना गया है। उन्होंने मांग की थी कि इस प्रकारके मामलों की जांच जिला स्तर की जगह राज्य स्तर की एजेंसी की ओर से की जाए। उनकी मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निर्देश पर ऐसे मामलों की जांच सीआईडी क्राइम को सौंपी गई है।
जाडेजा ने बताया कि ये सभी शिक्षक प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। अमूमन शिक्षकों का जो जिला होता है उसी में स्थानांतरण होता है। लेकिन गंभीर बीमारी या अति विशिष्ठ संयोगों में उन्हें एक जिले से दूसरे जिले में भी मांग पर स्थानांतरित किया जाता है।
सरकार के इसी निर्णय का दुरुपयोग करने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे 17 शिक्षकों ने फर्जी चिकित्सा प्रमाण-पत्र पेश कर दूसरे जिले में स्थानांतरित करने की मांग की है। शिक्षकों की ओर से पेश प्रमाण-पत्रों में कहा है कि उन्हें किडनी, हृदय, कैंसर संबंधी और डायबिटीज संबंधी रोग है, जिससे उन्हें दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाए। उनके इन दावों की और पेश किए गए प्रमाण-पत्रों की जांच सीआईडी क्राइम करेगी।
Published on:
22 May 2021 10:14 pm

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