जूनागढ़. गुजरात की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हेमा आचार्य का रविवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार को जूनागढ़ में किया गया। इस दौरान इफको के चेयरमैन दिलीप संघाणी, सांसद राजेश चुडास्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।वर्ष 1933 में जन्मीं हेमा वर्ष 1975 से 1980 तक जूनागढ़ से विधायक रहीं। साथ ही […]
जूनागढ़. गुजरात की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हेमा आचार्य का रविवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार को जूनागढ़ में किया गया। इस दौरान इफको के चेयरमैन दिलीप संघाणी, सांसद राजेश चुडास्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।वर्ष 1933 में जन्मीं हेमा वर्ष 1975 से 1980 तक जूनागढ़ से विधायक रहीं। साथ ही उन्होंने गुजरात में पहली गैर कांग्रेसी जनता मोर्चा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी काफी कार्य किया। जूनागढ़ अस्पताल का स्वर्णिम युग उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास किया कि अस्पताल में उपलब्ध सरकारी सुविधाएं, डॉक्टरों की उपस्थिति जूनागढ़ अस्पताल के साथ-साथ पूरे राज्य में उपलब्ध हों। वे जूनागढ़ नगर पालिका की पहली महिला अध्यक्ष भी रहीं।
हेमा गुजरात जनसंघ की ऐसी कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए अपने हाथों से भोजन तैयार करने की परंपरा शुरू की, यह परंपरा उनके जीवनकाल में जारी रही। उनके पति सूर्यकांत आचार्य भी राज्य सभा के सदस्य थे। वे जनसंघ के कई कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से जानती थीं। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई बार उनसे मिलने आए। ऐसे अवसरों पर उन्होंने मोदी को अपने हाथ से तैयार भोजन परोसा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवंगत पूर्व मंत्री हेमा आचार्य के पुत्र से फोन पर बात की और हेमा के निधन पर शोक जताया।