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विविधता में एकता की भारतीय संस्कृति को उजागर करता है लोक मेला : बेरा

राजकोट में रसरंग लोक मेला आरंभ, 9 तक चलेेगा पारंपरिक गरबा समेत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोहा

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विविधता में एकता की भारतीय संस्कृति को उजागर करता है लोक मेला : बेरा

विविधता में एकता की भारतीय संस्कृति को उजागर करता है लोक मेला : बेरा

राजकोट. जिला प्रशासन की लोक मेला समिति की ओर से जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के रेसकोर्स मैदान पर राजकोट की विशिष्ट विशेषता वाला रसरंग लोक मेला मंगलवार को आरंभ हुआ।

मेले का उद्घाटन पर्यटन मंत्री मुलु बेरा ने जल आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया की विशेष उपस्थिति में किया। पर्यटन मंत्री बेरा ने कहा कि विविधता में एकता की भारतीय संस्कृति को लोक मेला उजागर करता है। सौराष्ट्र के राजकोट में आयोजित लोक मेला हमारी संस्कृति है, मेलों ने अनेकता में एकता की हमारी रंगारंग संस्कृति को संजोकर रखा है। राजकोट का यह मेला विश्व प्रसिद्ध है। इसका आनंद लेने के लिए लाखों लोग आते हैं। इस लोक मेले की आय का उपयोग जिले के विकास कार्यों में किया जाता है।

जल आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि 'लोक मेले के कारण समाज में एकता, भाईचारा, भाईचारा और समानता बढ़ती है। हमारी संस्कृति की पहचान राजकोट के इस रंग-बिरंगे मेले का लाखों लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। 1981 से आयोजित होने वाले इस मेले की सुंदर योजना के लिए प्रशासन की सराहना करते हुए उन्होंनेे मेले कोे सौराष्ट्र की आंतरिक पहचान बताया।

समिति की ओर से कलक्टर प्रभव जोशी ने स्वागत करते हुए पर्यटन मंत्री को मुख्यमंत्री राहत कोष में 35 लाख रुपए का चेक दिया। महापौर डॉ. प्रदीप डव ने भी विचार व्यक्त किए। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य और लोक गीत प्रस्तुत किए गए। लोक नृत्यों में गरबा, अथिंगो, हुडो रास, सिदी धमाल, तलवार रास, मणियारो रास, ढाल छत्री नृत्य के साथ गुजरात के प्राचीन लोक गीत आकर्षण का केंद्र बने। मेले में खिलौने, भोजन, आइसक्रीम, छोटी चक्रियां, राइड्स के 355 स्टाल-प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

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