अहमदाबाद. राज्य की खाद्य एवं औषध नियमन टीम ने महेसाणा जिले के ऊंझा में नकली जीरे की फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख रुपए कीमत का 31 हजार किलो मिलावटी और हानिकारकर जीरा पकड़ा है। नन्हें दाने की सौंप, कलर, धूल आदि से तैयार किए जाने वाले इस मिलावटी जीरे की कीमत महज तीस रुपए प्रतिकिलो आ रही थी, जिसे सौकड़ों रुपए में बेचा जा रहा था। लगभग 89 लाख रुपए का जीरा बरामद किया गया है।
राज्य के खाद्य एवं औषध नियमन विभागा के आयुक्त डॉ. एच.जी. कोशिया ने इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में बताया कि ऊंझा में मिलावटी जीरा बनाए जाने की सूचना पर मेहसाणा की टीम ने ऊंझा के गंगापुरा रोड स्थित धर्मेन्द्र कुमार पटेल की फैक्ट्री पर छापा मारा था। इस दौरान नकली जीरे का उत्पादन किया जा रहा था। टीम ने गहन तलाशी और जांच की तो वहां से बारीक दाने वाली सौंफ रेत, कलर और गुड़ का उपयोग कर नकली जीरा तैयार किया जा रहा था।उन्होंने बताया कि सौंप और गुड़ की रसी जैसी सामग्री से तैयार होने वाला यह जीरा देखने में असली लग रहा था। हालांकि जब उसे हाथ में लेकर मसला गया तो धूल और कलर अलग होने लगते थे। मौके से टीम ने गुड़ का 643 लीटर घोल, 258 किलो मिक्स पाउडर, 5298 किलो हल्की गुणवत्ता वाली सौंफ और 24718 किलो मिलावटी नकली जीरा मिला। टीम ने नकली जीरा, गुड की रसी, मिश्रित पाउडर, सौंप आदि के कुल चार नमूने लेकर जांच को भेजे गए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक दृष्टि से इस तरह का जीरा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फिर भी नमूनों की रिपोर्ट के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जीरे के बड़े जत्थे में मिलाया जाता है नकली जीरा
बहुत कम खर्चे में तैयार किए जाने वाले नकली जीरे को असल जीरे के बड़े जत्थे में मिलाकर मुनाफा किया जा रहा था। यह नकली जीरा महज 30 रुपए प्रतिकिलो की लागत से तैयार हो सकता था।