अलीगढ़

Aligarh Muslim University: Professor नईमा खातून बनी AMU की पहली महिला कुलपति 

Aligarh News: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को सोमवार 22 अप्रैल को अपनी पहली महिला कुलपति मिल गई।

अलीगढ़Apr 23, 2024 / 01:31 am

Aman Kumar Pandey

Aligarh News: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को सोमवार 22 अप्रैल को अपनी पहली महिला कुलपति मिल गई। प्रख्यात मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर नईमा खातून को एक सदी पुराने प्रमुख शैक्षणिक संस्थान में शीर्ष पद पर नामित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वविद्यालय के विजिटर होने के नाते प्रोफेसर नईमा खातून को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक (जो भी पहले आए) कुलपति नियुक्त किया है।
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चुनाव आयोग से मिली अनुमति 

इसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग से मंजूरी मिल गई है। कुलपति की नियुक्ति आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती है, बशर्ते कि “कोई प्रचार न हो या राजनीतिक लाभ न लिया जाए”। प्रोफेसर नईमा खातून, जो जुलाई 2014 से AMU के महिला कॉलेज की प्रिंसिपल हैं। उन्होंने मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। नैदानिक, स्वास्थ्य, व्यावहारिक सामाजिक और आध्यात्मिक मनोविज्ञान प्रोफेसर नईमा खातून का विषेशज्ञ क्षेत्र है।
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वह अक्टूबर 2015 से सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड करियर प्लानिंग, एएमयू की निदेशक भी हैं। राजनीतिक मनोविज्ञान में पीएचडी ( PhD) की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज, दिल्ली और एएमयू में काम किया। वह अगस्त 1988 में लेक्चरर, अप्रैल 1998 में एसोसिएट प्रोफेसर और जुलाई 2006 में प्रोफेसर बनीं।
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उन्होंने एक शैक्षणिक वर्ष के लिए रवांडा के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में भी पढ़ाया। प्रोफेसर नईमा खातून ने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं और व्याख्यान देने के लिए यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया के कई विश्वविद्यालयों का दौरा किया है।
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छह पुस्तकों का लेखन/सह-लेखन/संपादन करने और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय ख्याति की पत्रिकाओं में कई पत्र प्रकाशित करने के बाद, उन्होंने 15 पीएचडी थीसिस और बड़ी संख्या में शोध प्रबंधों का पर्यवेक्षण किया है। उन्हें शैक्षिक प्रशासन में भी काफी अनुभव है। उन्होंने इंदिरा गांधी हॉल और अब्दुल्ला हॉल में प्रोवोस्ट (दो बार) और डिप्टी प्रॉक्टर के रूप में कार्य किया है।
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