AMU के कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- यूनिवर्सिटी ने कई देशों से भारत के संबंध सशक्त करने का काम किया

Highlights:

-लाल बहादुर शास्त्री के बाद 56 वर्ष बाद एएमयू के कार्यक्रम में शामिल हुए कोई प्रधानमंत्री

-प्रधानमंत्री मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़े होनहारों का किया बखान

-कोरोना काल में एएमयू द्वारा किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की

By: Rahul Chauhan

Published: 22 Dec 2020, 01:35 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 100 वर्ष होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान पीएम मोदी ने एक डाक टिकट भी जारी किया। ऐसा 56 वर्ष बाद हुआ है जब किसी प्रधानमंत्री ने एएमयू के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया है। इससे पहले सन 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश आज उस मार्ग पर बढ़ रहा है, जहां मजहब की वजह से कोई पीछे न छूटे, सभी लोगों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिले और सभी अपने सपने पूरे करें। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास, ये मंत्र मूल आधार है। देश की नीयत और नीतियों में यही संकल्प झलकता है।

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उन्होंने कहा कि मैं उन सभी शिक्षकों का आभारी हूं, जिन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के माध्यम से इन 100 वर्षों में अपनी शिक्षाओं का प्रसार किया। कोरोना के इस संकट के दौरान भी यूनिवर्सिटी ने जिस तरह से समाज की मदद की है, वो अभूतपूर्व है। इस दौरान हजारों लोगों का मुफ्त टेस्ट करवाना, आइसोलेशन वार्ड बनाना, प्लाज्मा बैंक बनाना और पीएम केयर फंड में बड़ी धनराशि का योगदान देना, समाज के प्रति आपके दायित्वों को पूरा करने की गंभीरता को दर्शाता है। आज इस यूनिवर्सिटी से तालीम लेकर निकले लोग भारत के सर्वश्रेष्ठ स्थानों के साथ ही दुनिया के सैकड़ों देशों में छाए हुए हैं। यहां पढ़े लोग दुनिया में कहीं भी हों, भारत की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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'एएमयू ने कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का काम किया'

पीएम ने कहा कि बीते 100 वर्षों में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने दुनियाभर के कई देशों से भारत के संबंधों को सशक्त करने का भी काम किया है। उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर यहां जो भी रिसर्च होती है, इस्लामिक साहित्य पर जो रिसर्च होती है, वो समूचे इस्लामिक वर्ल्ड के साथ भारत के सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊर्जा देती है। मुझे बहुत से लोग बोलते हैं कि एएमयू कैंपस अपने आप में ही एक शहर की तरह है। अनेक विभाग, दर्जनों हॉस्टल, हजारों टीचर-छात्रों के बीच एक मिनी इंडिया नजर आता है। यहां एक तरफ उर्दू पढ़ाई जाती है, तो हिंदी भी। अरबी पढ़ाई जाती है तो संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है।

सियासत सिर्फ समाज का एक हिस्सा है

उन्होंने कहा कि सियासत सिर्फ समाज का एक हिस्सा है, लेकिन सियासत और सत्ता से अलग देश का समाज होता है। ऐसे में देश के समाज को बढ़ाने के लिए हमें काम करते रहना चाहिए। जब हम एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे, तो कुछ तत्व ऐसे होते हैं, जिन्हें इससे दिक्कत होगी। वो तत्व हर समाज में हैं, लेकिन हमें इन सबसे आगे बढ़कर देश के लिए काम करना चाहिए। पिछली शताब्दी में मतभेदों के नाम पर काफी वक्त जाया हो गया है, लेकिन अब वक्त ना गंवाते हुए नए भारत, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करना है।

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अगर महिला शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित हो जाती है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो देश का है, वो हर देशवासी का है। कुछ वक्त पहले एएमयू के एक पूर्व छात्र ने मुझसे बात करते हुए बताया था कि कभी मुस्लिम बेटियों का स्कूल से ड्रॉप आउट रेट 70 फीसदी से अधिक था और कई दशकों से ऐसी ही स्थिति थी। लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के बाद अब ये आंकड़ा घटकर 30 फीसदी तक रह गया है। एएमयू में भी अब 35 फीसदी तक मुस्लिम बेटियां पढ़ रही हैं। इसकी जिम्मेदारी फाउंडर चांसलर बेगम सुल्तान ने संभाली थी। अगर महिला शिक्षित होती है, तो पूरी पीढ़ी शिक्षित हो जाती है। आज हमारी सरकार ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं की मदद करने का फैसला लिया।

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