3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रामीण और छोटे कस्बों में चिकत्सिा सुवधिओं को लेकर की तल्ख टिप्पणी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए यूपी के गांवों और छोटे कस्बों में चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति को राम भरोसे बताया है। कोर्ट ने यह टिप्पणी मेरठ के मेडिकल कॉलेज से लापता बुजुर्ग के मामले में की।

less than 1 minute read
Google source verification
श्रीकृष्ण विराजमान परिसर के सर्वे की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला जज से मांगी आख्या

श्रीकृष्ण विराजमान परिसर के सर्वे की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला जज से मांगी आख्या

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्राीमण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं पर सख्त टिप्पणी करते हुए गांवों और छोटे कस्बों में चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति को राम भरोसे बताया है। हाईकोर्ट ने गांवों में तेजी से संक्रमण फैलने पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने ये टिप्पणी मेरठ के मेडिकल काॅलेज से लापता 64 साल के बुजुर्ग संतोष कुमार के मामले में सुनवाई करते हुए की है।


मेरठ के मेडिकल काॅलेज से लापता 64 साल के बुजुर्ग संतोष कुमार की अस्पताल के बाथरूम में गिरकर मौत हो गई थी। जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर्स और स्टाफ ने उनकी शिनाख्त के बताय शव को अज्ञात में डाल दिया था। इसी मामले में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि मेरठ जैसे शहर का जब यह हाल है तो समझा जा सकता है कि छोटे शहरों और गांव के हालात कैसे होंगे। इस मामले में की गई कार्रवाई को भी कोर्ट ने नाकाफी बताया। कोेर्ट का कहना है कि इस प्रकरण में डाक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ का कदाचार की तरह है।

Story Loader