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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; इन अध्यापकों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

locationप्रयागराजPublished: Dec 11, 2023 09:36:44 pm

Submitted by:

Aman Pandey

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापको के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले के विज्ञापन से चयनित सहायक अध्यापकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले जारी हुए विज्ञापन के तहत चयनित सहायक अध्यापकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा। सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां नई पेंशन स्कीम लागू होने के बाद की गई है, इस कारण वे नई पेंशन स्कीम में होंगे, कोर्ट ने यह सरकारी दलील अस्वीकार कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने नंदलाल यादव समेत कई याचिकाओं पर दिया है।
कहा गया था कि सभी सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां एक अप्रैल 2005 के बाद की गई हैं। इस कारण वे पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ पाने के हकदार नहीं है। वे नई स्कीम में आते हैं। याचिकाओं में इसे चुनौती दी गई थी। याचिकाओं पर अधिवक्ता आलोक कुमार यादव की दलील थी कि याची के साथ चयनित और नियुक्त अन्य सभी अध्यापकों को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ मिल रहा है लेकिन याचियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। अन्य चयनित सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले हो गई थीं जबकि याचियों को विभाग की गलती के कारण ज्वाइन नहीं कराया गया था।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में सहायक अध्यापकों की भर्ती विज्ञापित की गई थी। 29 नवंबर 2004 को इंटरव्यू हुआ और 24 दिसंबर 2004 को परिणाम घोषित किया गया। घोषित परिणामों के आधार पर अधिकतर अध्यापकों को नियुक्ति पत्र देकर उन्हें ज्वाइन करा दिया गया। याचियों को मिले प्लेसमेंट पर कॉलेज मैनेजमेंट ने ज्वाइन नहीं कराया। बाद में बोर्ड के हस्तक्षेप पर दूसरे कॉलेजों में ज्वाइन कराया गया। याचियों की नियुक्ति एवं ज्वाइनिंग नई पेंशन स्कीम लागू होने के बाद हुई। इस कारण उन्हें नई पेंशन स्कीम से आच्छादित मानते हुए पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने इसे सही नहीं माना।

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