script ‘ज्ञानवापी में पूजा पर रोक नहीं…’, मुस्लिम पक्ष को HC से झटका, 6 फरवरी को अगली सुनवाई | There is no ban on worship in Gyanvapi Muslim side gets a blow from High court | Patrika News

‘ज्ञानवापी में पूजा पर रोक नहीं…’, मुस्लिम पक्ष को HC से झटका, 6 फरवरी को अगली सुनवाई

locationप्रयागराजPublished: Feb 02, 2024 03:52:17 pm

Submitted by:

Aman Pandey

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वाराणसी कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें हिंदू पक्ष को मस्जिद के दक्षिणी तहखाने में पूजा की अनुमति दी गई।

There is no ban on worship in Gyanvapi Muslim side gets a blow from High court
ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। व्यास तहखाने में पूजा जारी रहेगी और मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी। 6 फरवरी को ही वाराणसी की जिला अदालत में ASI की रिपोर्ट पर भी सुनवाई होगी। उसी समय, हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से स्थान सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, साथ ही साथ यह भी कहा है कि कोई नुकसान या निर्माण नहीं होना चाहिए।

कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को बताया कि कलेक्टर को रिसीवर नियुक्त किए जाने पर आपने इसका विरोध नहीं किया। यह तर्क मुस्लिम पक्ष के लिए बड़ा आधारपुर्ण है। मस्जिद समिति से अपनी अपील में संशोधन करने और जिला न्यायाधीश के 17 जनवरी के आदेश को चुनौती देने की भी आग्रह किया गया है। इस आदेश के अनुसार, व्यास तहखाना में डीएम को रिसीवर नियुक्त कर दिया गया था। उसी समय, अदालत ने यूपी सरकार से कानून-व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगी जानकारी

पहले ही कोर्ट ने यूपी के एडवोकेट जनरल से मौजूदा स्थिति की जानकारी प्राप्त करने का आदेश दिया है। एडवोकेट जनरल ने बताया कि तहखाने में पूजा शुरू कर दी गई है और बहुत से लोग वहां दर्शन कर रहे हैं। कोर्ट ने यूपी सरकार से इससे संबंधित इंतजामों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
31 साल बाद की गई पूजा

आपको बता दें कि वाराणसी जिला कोर्ट ने हिंदू पक्ष को ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाने में पूजा करने का आदेश दे दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद व्यास तहखाने में करीब 31 साल बाद पूजा की गई। इस दौरान मौके पर वाराणसी कमिश्नर, डीएम और पुलिस कमिश्नर मौजूद थे। पूजा करने से पहले व्यास तहखाने का शुद्धिकरण कराया गया। इसके बाद यहां कलश स्थापित कराकर मंत्रोच्चार कर गौरी-गणेश की आरती की गई।

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