अलवर में एसीबी ने एईएन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, इसके लिए मांगी थी रिश्वत

भारी भरकम पगार लेने वाले अधिकारी का पद गया, रूतबा भी गया और बेइज्जती हुई इतना ही नहीं अब हवालात की खानी पड़ेगी हवा

By: Himanshu Sharma

Updated: 10 Feb 2018, 01:23 PM IST

एसीबी ने मनरेगा एईएन को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा, पंचायत समिति में हुए विकास कार्यों का सत्यापन करने व यूसी जारी करने के लिए रिश्वत मांगी थी

अलवर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मनरेगा में शुक्रवार को कार्यरत एईएन नरेन्द्र खण्डेलवाल को सात हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एईएन ने पंचायत समिति में हुए विकास कार्यों का सत्यापन करने व यूसी जारी करने की एवज में रिश्वत मांगी थी। रभाना ग्राम पंचायत में 13 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्य कराए गए थे। एईएन इस राशि में से एक प्रतिशत की राशि रिश्वत के रूप में मांग रहा था।

एसीबी के डीएसपी सलेह मोहम्मद ने बताया कि रभाना ग्राम पंचायत के सरपंच खुर्शीद खान ने गत 8 फरवरी को एसीबी को शिकायत दी कि पंचायत में 13 लाख 50 हजार रुपए के आठ विकास कार्य हुए थे। उन कार्यों की मेजरमेंट बुक सत्यापित कराने व उन कार्यो की यूसी जारी करने के लिए मनरेगा के एईएन ने एक प्रतिशत की राशि रिश्वत में मांगी है। इस हिसाब से रिश्वत की राशि 13 हजार 500 रुपए बन रही थी। इसमें से तीन हजार रुपए खुर्शीद ने नरेन्द्र को पहले ही दे दिए थे तथा शेष राशि देनी थी। इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। एईएन नरेन्द्र सात हजार रुपए लेने के लिए तैयार हो गया। इस पर शुक्रवार सुबह खुर्शीद ने नरेन्द्र को सात हजार रुपए दिए। नरेन्द्र ने वह राशि लेकर अपनी शर्ट की जेब में रख ली। उसी समय एसीबी ने तुरंत मौके पर पहुंच कर एईएन को राशि सहित पकड़ा।
एसीबी की टीम ने मौके से रिश्वत की राशि बरामद कर एईएन को गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी टीम के अधिकारियों ने इस मामले से जुड़े हुए दस्तावेज व अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। नरेन्द्र अलवर के स्कीम नम्बर 3 का निवासी है।

Himanshu Sharma
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