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मुख्यमंत्री के आदेशों की भी परवाह नहीं करते अलवर जिले के विधायक

मुख्यमंत्री को जिस ड्रीम प्रोजेक्ट पर बड़ा नाज है, उसी पार्टी के विधायक सरकार के ताज को उतारने में कसर नहीं छोड़ रहे। मुख्यमंत्री जल स्वाबलंबन अभियान के प्रति ज्यादा विधायकों ने बेरूखी ही दिखाई। जिन विधायकों ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए अपने कोटे से राशि हस्तांतरित की, उसमें भी स्वेच्छा कम खुशामद

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मुख्यमंत्री को जिस ड्रीम प्रोजेक्ट पर बड़ा नाज है, उसी पार्टी के विधायक सरकार के ताज को उतारने में कसर नहीं छोड़ रहे। मुख्यमंत्री जल स्वाबलंबन अभियान के प्रति ज्यादा विधायकों ने बेरूखी ही दिखाई। जिन विधायकों ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए अपने कोटे से राशि हस्तांतरित की, उसमें भी स्वेच्छा कम खुशामदगी ज्यादा नजर आई।

मुख्यमंत्री जल स्वाबलंबन अभियान राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सरकार

की मुखिया से लेकर आला अधिकारी तक इस प्रोजेक्ट की उपलब्धियां गिनाते नहीं थकते। यही प्रोजेक्ट अब उनकी ही सरकार व पार्टी के मंत्री और विधायकों के लिए बिन बुलाई आफत सी लगने लगा है।

यही कारण है कि विपक्ष ही नहीं स्वयं सत्ता पक्ष के ज्यादातर विधायकों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपने विधायक कोष से राशि ही जारी नहीं की। यह हालत तब है जबकि सरकार की ओर से हर विधायक के लिए मुख्यमंत्री जल स्वाबलंबन अभियान में निर्धारित राशि हस्तांतरित करने के लिए जिला परिषद को कई पत्र भेजे जा चुके हैं।

केवल ३ ने खोला कोष

जिले के ११ विधायकों में सिर्फ ३ ने ही पिछले दिनों अलवर आई मुख्यमंत्री के समक्ष अपने कोष से जल स्वाबलंबन अभियान के लिए राशि हस्तातंरित करने के सहमति पत्र सौंपे। यह कवायद भी स्वेच्छिक के बजाय खुशामदगी के लिए ज्यादा दिखी। अभियान के लिए सबसे अधिक राशि थानागाजी विधायक एवं मंत्री हेमसिंह भड़ाना व मुण्डावर विधायक धर्मपाल चौधरी ने ५६-५६ लाख रुपए दी। वहीं, शहर विधायक बनवारीलाल सिंघल ने ५० लाख और रामगढ़ विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने ५ लाख की राशि दी।

विधायक निधि से देनीे थी २५ फीसदी राशि

जल स्वाबलंबन अभियान में प्रत्येक विधायक को अपने कोटे से २५ प्रतिशत राशि देनी थी। बकायदा सरकार ने इसके लिए विधायक निधि की राशि में भी २५-२५ लाख रुपए की बढ़ोतरी कर दी, लेकिन ज्यादातर विधायकों ने बढ़ी राशि जल स्वावलम्बन के लिए हस्तांतरित करने से हाथ खींच लिए। खुद सरकार के आदेशों की अवहेलना होती देख विधायक कोष के चालू वर्ष के आवंटन में २५ लाख की कटौती कर दी।

यह किया था प्रावधान

मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान को लेकर सरकार ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना में प्रावधान रखा। इसके तहत प्रतिवर्ष न्यूनतम २५ प्रतिशत राशि अथवा विधायकों के विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना में प्रस्तावित या स्वीकृत कार्यों की कुल लागत की २५ प्रतिशत राशि, जो भी कम हो । उतनी राशि की अभिशंसा विधायक द्वारा मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना के लिए की जानी थी।

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