
अलवर जिले के 1.10 लाख परिवारों के लिए केंद्र सरकार खुशखबरी ला सकती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का बंद पोर्टल लोकसभा चुनाव से पहले खोलने की तैयारी है। इसी माह भी इसके दरवाजे जनता के लिए खुल सकते हैं। जैसे ही पोर्टल खुलेगा तो परिवारों में बढ़े सदस्यों के नाम जुड़ना शुरू हो जाएंगे। इन परिवारों को बढ़े हुए सदस्यों का अनाज मिलना शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों को मुफ्त में अनाज देने की जब से घोषणा की थी तब से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन का पोर्टल बंद कर दिया गया ताकि नए सदस्यों के नाम न जुड़ पाएं। लोगों की संख्या बढ़ेगी तो सरकारों पर भी अनाज अधिक देने का दबाव होगा। पैसे अधिक खर्च होंगे।
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जानकारों का कहना है कि इसी के चलते दो साल से ये पोर्टल बंद है। इन वर्षों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, तहसील, एसडीएम कार्यालय से लेकर डीएसओ कार्यालय में 1.10 लाख परिवारों के सदस्य पहुंचे। वह नए सदस्यों का नाम राशन कार्डों में जुड़वाना चाहते हैं। इन लोगों ने कार्यालयों में परिवारों के नाम दर्ज करने के लिए आवेदन भी दिए लेकिन रास्ते अब तक नहीं खुल पाए। अब प्रदेश व केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने के कारण लोगों की उम्मीद भी जगी। लोगों की इस समस्या को भाजपा संगठन के पदाधिकारियों ने भी सरकार तक पहुंचाया। बताया जा रहा है कि इसी को देखते हुए केंद्र सरकार अब रास्ता खोलने की तैयारी में है।
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हजारों परिवारों में आई हैं बहुएं
इन दो वर्षों में हजारों परिवार ऐसे हैं जिनमें बेटों की शादी हुई हैं। बहुएं आई हैं। उनके नाम भी राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाए। ये परिवार भी इंतजार कर रहे हैं। कुछ बेटियों की शादी दूसरे जिलों में हुई है। वहां यहां से ससुराल गई हैं। उनके नाम राशन कार्ड से कटने हैं। मालूम हो कि राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम जुड़ेंगे तो उनके नाम से भी अनाज मिलना शुरू हो जाएगा। अन्नापूर्णा फूड किट मिलेंगी।
Published on:
05 Jan 2024 10:53 am
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