
प्रदेश में नई सरकार गठन के बाद अब नया मुख्य सचिव भी मिल गया है। ऐसे में अब जिलों में प्रशासन की सर्जरी की तैयारी है। यही कारण है कि प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों की निगाहें इन दिनों जयपुर मुख्यालय पर टिकी है। मंत्रियों को विभाग बंटवारे के बाद प्रशासनिक फेरबदल का सीजन शुरू होने की तैयारी है।
विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में नई सरकार का गठन हो चुका है, लेकिन प्रशासनिक ढांचा अभी पुराना ही है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों में बदलाव हो चुका है। इस कारण अब प्रशासनिक ढांचा भी नई सरकार व मंत्रियों के मुताबिक तैयार किया जाना है। इसके लिए प्रशासन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की तैयारी है। अभी तक प्रदेश में मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारी पुराने ही टिके थे, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की बयार शुरू हो चुकी है। इसके तहत नए मुख्य सचिव की नियुक्ति हो चुकी है, वहीं नए डीजीपी के नियुक्ति की तैयारी है। विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव से लेकर निचले स्तर के सचिव और जिले प्रशासनिक पदों पर आसीन अधिकारियों के फेरबदल की संभावना है। अलवर जिले में भी ज्यादातर विभागों के अधिकारी अभी देखो और इंतजार करो की नीति अपनाए हुुए हैं।
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नजर मुख्यालय पर
प्रशासन के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों की निगाहें भी अपने मुख्यालय पर टिकी है। ज्यादातर अधिकारियों का मानना है कि सरकार बदलने के साथ ही प्रशासनिक फेरबदल भी सामान्य प्रक्रिया है। कारण है कि सरकार बदलने के साथ ही नीचे से ऊपर तक राजनीतिक परिदृश्य बदलता है। कई बार नए राजनीतिक परिदृश्य में पुराने अधिकारी असहज महसूस करते हैं।
मंत्रियों को विभागीय प्रभार मिलने का इंतजार
प्रदेश में मंत्रिमंडल का गठन हो चुका है, लेकिन, उन्हें अभी विभागीय प्रभार मिलने का इंतजार है। मंत्रियों को विभागों के बंटवारे के बाद तबादला सीजन शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही आगामी मार्च में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने की संभावना है, ऐसे में प्रशासनिक बदलाव की यह प्रक्रिया आगामी दो महीने में पूरी करने की तैयारी है।
Published on:
03 Jan 2024 02:05 pm
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