
जोगेंद्र सिंह होड़ा (पत्रिका फोटो)
बस्सी (चित्तौड़गढ़): उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है। इस कहावत को चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति की गणेशपुरा ग्राम पंचायत निवासी जोगेंद्र सिंह होड़ा ने चरितार्थ कर दिया है। जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त 74 वर्षीय जोगेंद्र सिंह होड़ा का चुनाव लड़ने का जुनून आज भी बरकरार है। इस बार वे गणेशपुरा-रोलाहेड़ा वार्ड नंबर 7 से पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक रहे हैं।
जोगेंद्र सिंह होड़ा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। वे इससे पहले वर्ष 2013 और 2024 में दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वहीं, वर्ष 2023 में उन्होंने अभिनव लोकतंत्र पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक आंकड़ा खासा चर्चा में रहा। सादी ग्राम पंचायत के गोपालपुरा गांव स्थित बूथ नंबर 87 पर भाजपा के दिग्गज प्रत्याशी नरपत सिंह राजवी को पांच वोट मिले थे, जबकि जोगेंद्र सिंह होड़ा को आठ मत हासिल हुए थे। उस चुनाव में होड़ा को कुल 1,537 वोट मिले थे, जो नोटा को मिले 1,527 मतों से भी अधिक थे। खास बात यह है कि अब तक लड़े गए चुनावों में उनकी जमानत जब्त होती रही है, लेकिन इससे उनका हौसला कम नहीं हुआ। 74 वर्ष की उम्र में भी चुनावी मैदान में उतरने का उनका जज्बा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
आखिर इस उम्र में भी चुनाव लड़ने के पीछे उनकी मंशा क्या है? होड़ा के मुताबिक, उनकी लड़ाई व्यवस्था की खामियों को दूर करने के लिए है। वे बताते हैं कि जनगणना के दौरान सरकारी दस्तावेजों में उनके पिता बलवंत सिंह होड़ा का नाम गलती से बलदेव सिंह होड़ा दर्ज हो गया था। उनका कहना है कि इस गलती को आज तक सुधारा नहीं गया।
होड़ा के अनुसार, इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण मार्च 2001 से फरवरी 2024 के बीच उनका तीन साल का वेतन रुका रहा। व्यवस्था की इसी सुस्ती से नाराज होकर उन्होंने सिस्टम में सुधार की लड़ाई शुरू की। अब 74 साल की उम्र में भी वे चुनाव के जरिए अपनी आवाज उठाने और व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद के साथ मैदान में डटे हुए हैं।
Updated on:
14 Oct 2026 06:12 pm
Published on:
14 Oct 2026 05:40 pm
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