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सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का पेट भरने वाली के साथ सरकार कर रही कुछ ऐसा, जानकर आपको भी होगा दुख

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए खाना बनाने वाली कुक कम हैल्पर्स को सरकार पूरा मानदेय नहीं दे रही है जिससे उनको घर चलाने में मुश्किल आ रही है।

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अलवर

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Prem Pathak

Feb 22, 2018

government is not giving honorarium to cooks of government schools

अलवर. राज्य सरकार की ओर से इस बार के बजट में कुक कम हैल्परों की ओर कतई ध्यान नहीं दिया गया है जिससे उनमें निराशा है। इस बजट से इनको काफी संभावना थी जिनमें मानदेय बढऩा मुख्य था।
राज्य सरकार की ओर से बजट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका, साथिन व आशा सहयोगिनी के मानदेय में 650 से 2300 रुपए तक बढ़ा दिया है। प्रदेश में नौनिहालों को स्कूल में पौष्टिक आहार बनाकर देने वाली महिलाओं का मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। इससे अलवर जिले में सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पौष्टिक आहार बनाने वाली साढ़े चार हजार महिलाएं कुक कम हैल्परों में निराशा है। इन्हें इस बजट से बहुत आस थी जो धूमिल हो गई।

अलवर जिले के 2808 तथा 74 मदरसे मिड-डे-मिल योजना से जुड़े हैं। स्कूलों में कुक कम हेल्पर 150 से 250 बच्चों का खाना रोजाना पकाती है। इसके बाद भी इन्हें सिर्फ 1200 रुपए महीने में काम करना पड़ रहा है। सरकार ने इसी बजट में स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को सप्ताह में तीन दिन तक दूध देने की भी घोषणा कर दी। इसके चलते अब खाना पकाने वाली महिलाओं को अतिरिक्त काम भी करना पड़ेगा। इसके साथ ही उन पर जिम्मेवारी भी बढ़ जाएगी।

कई जगह धुएं में बनाती हैं भोजन

अलवर जिले में करीब 50 ऐसे स्कूल हैं जिनमें अभी तक कुकिंग गैस नहीं है। ऐसे में यहां पौष्टिक आहार बनाने वाली महिलाओं को चूल्हे पर धुएं में खाना बनाना पड़ता है। कई स्कूलों में इसके लिए अलग से रसोई नहीं है जिस कारण उन्हें यह खाना खुले में बनाना पड़ता है। यही नहीं इस खाने की गुणवत्ता को लेकर इन्हें ही जिम्मेवार ठहराया जाता है।

यह कहते हैं शिक्षक नेता

कुकिंग कम हैल्परों को काफी विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ता है जिसको देखते हुए इनका मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए। इस मामले में शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा।
मूलचंद गुर्जर
प्रदेशाध्यक्ष, पंचायती राज शिक्षक व कर्मचारी संंघ, अलवर।

प्रदेश में कुकिंग कम हैल्परों की हालत अच्छी नहीं है, जिन्हें बहुत कम मानदेय मिलता है। सरकार को इनके मानदेय को बढ़ाना चाहिए। इसके लिए सरकार को संघ पत्र लिखेगा।
राजेन्द्र शर्मा
जिलाध्यक्ष, शिक्षक संघ सियाराम

अलवर जिले में कुकिंग कम हैल्परों को मानदेय बहुत कम मिलता है, जिस कारण वे परेशान हैं। सरकार को इस दिशा में कार्रवाई
करनी चाहिए।
मनोज यादवजिलाध्यक्ष, शिक्षक कांग्रेस, अलवर।

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